PM Modi on Iran Israel war energy crisis: मिडल ईस्ट में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी भीषण जंग ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं. तेल और गैस की सप्लाई चेन टूटने से मचे हाहाकार के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बड़ा भरोसा दिया है. शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि भारत इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है.
लेकिन इस संदेश में सबसे बड़ा प्रहार उन लोगों पर था जो इस मुश्किल घड़ी में ‘पैनिक’ फैलाकर अपना राजनीतिक एजेंडा साधने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम मोदी ने बिना नाम लिए विरोधियों को चेतावनी दी कि उनकी इस हरकत से देश का बड़ा नुकसान हो सकता है.
पैनिक फैलाने वालों पर पीएम की दोटूक
युद्ध की वजह से पिछले कुछ दिनों से देश में रसोई गैस (LPG) की किल्लत की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं. इस पर सफाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजकल एलपीजी को लेकर बहुत चर्चा हो रही है. कुछ लोग जानबूझकर डर का माहौल बना रहे हैं ताकि अपना एजेंडा चला सकें. मैं उन पर राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन वे जनता के सामने खुद एक्सपोज हो रहे हैं.
आज युद्ध के चलते जो वैश्विक संकट बना है, उससे निपटने में भारत कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। pic.twitter.com/Vc4t4NBaLN
— Narendra Modi (@narendramodi) March 13, 2026
युद्ध को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने माना कि यह युद्ध कोई छोटी घटना नहीं है और इसकी आंच से कोई भी देश अछूता नहीं रहा है. उन्होंने बताया कि वह खुद दुनिया के कई बड़े देशों के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं. पीएम ने कहा कि सप्लाई चेन में जो रुकावटें आई हैं, उनसे पार पाने के लिए हम अलग-अलग लेवल पर काम कर रहे हैं. सरकार के हर फैसले में देश की जनता का हित सबसे ऊपर रहेगा.
आत्मनिर्भर भारत ही है असली कवच
इस वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री ने अपनी उस पुरानी बात को फिर से दोहराया जिसने आज भारत को पड़ोसी देशों जैसे हालात से बचा रखा है. उन्होंने कहा कि इस संकट ने एक बार फिर दिखा दिया है कि किसी भी देश का ‘आत्मनिर्भर’ होना क्यों जरूरी है.
भारत ने पिछले 10 सालों में सोलर एनर्जी, एथेनॉल ब्लेंडिंग और ग्रीन हाइड्रोजन पर जो काम किया है, उसका असर आज दिख रहा है. अगर भारत आज भी पुरानी नीतियों पर चल रहा होता और सिर्फ इम्पोर्टेड तेल पर निर्भर होता, तो आज स्थिति बेकाबू हो सकती थी. लेकिन पीएम ने आश्वस्त किया कि भारत इस संकट से भी सफलतापूर्वक पार पा लेगा.
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क्या है सरकार की ‘बैकस्टेज’ तैयारी?
बता दें कि प्रधानमंत्री के इस बयान के पीछे भारत की वो मजबूत दीवार खड़ी है जिसे पिछले दशक में तैयार किया गया है:
रणनीतिक तेल भंडार: भारत के पास 74 दिनों का बैकअप मौजूद है.
एनर्जी कूटनीति: ईरान और खाड़ी देशों के साथ अच्छे संबंधों के चलते सप्लाई लाइन अब भी चालू है.
घरेलू उत्पादन: एलपीजी के घरेलू उत्पादन में 25% की बढ़ोतरी ने संकट को कम किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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