PM Modi On Nepal Flood: नेपाल में बीते कुछ दिनों से भारी मानसूनी बारिश के कारण विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से जान-माल की हानि हुई है. इस तबाही में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है और 11 लोग अभी भी लापता हैं. . इसपर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. रविवार को X पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने नेपाल की जनता और सरकार के साथ मजबूती से खड़े होने की बात कही है.
नेपाल में शुक्रवार से ही भारी बारिश (Heavy rain in Nepal) हो रही है, जिससे कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. कोशी प्रांत में 36 लोगों की मौत हुई है, जबकि मधेश में तीन लोगों की मौत हुई है. ताजा आंकड़ों में मौतों की संख्या बढ़कर 39 पहुंच गई है.
पपीएम मोदी ने पोस्ट कर जताई प्रतिबद्धता (PM Modi On Nepal)
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेपाल में भारी बारिश से हुई जनहानि और क्षति दुखद है. इस कठिन समय में हम नेपाल की जनता और सरकार के साथ हैं. एक मित्रवत पड़ोसी और प्रथम प्रतिक्रियादाता के रूप में, भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी (Meteorological Alert in Nepal)
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि कई हाईवे भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं और कई पुल बाढ़ में बह गए हैं. काठमांडू एयरपोर्ट ने घरेलू उड़ानों पर रोक लगा दी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं. नेपाल सरकार ने कई जिलों में आपात स्थिति घोषित कर दी है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्वी कोशी प्रांत के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की संभावना है.
ये भी पढ़ें: ‘अपने ही मलबे में दब जाएगा भारत’, सेना के बाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ने हिंदुस्तान को ललकारा
भारत की सकारात्मक पहल
नेपाल में हुई इस त्रासदी के बाद कोशी और मधेश प्रांतों में सबसे अधिक मौतें हुई हैं. 11 लोग अब भी लापता हैं. पीएम मोदी का तत्काल समर्थन का प्रस्ताव भारत-नेपाल के मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करता है. यद्यपि रविवार सुबह तक बारिश की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन भूस्खलन के कारण काठमांडू घाटी को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग अवरुद्ध हैं और यातायात सेवाएं निलंबित हैं. भारत द्वारा सहायता का यह आश्वासन न केवल एक पड़ोसी धर्म का निर्वहन है, बल्कि आपदा प्रबंधन में सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय साझेदारी है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





