JAAC Protest PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी फौज से लोग त्रस्त हैं. लोग अब पाकिस्तानी हूकूमत से तंग आकर भारतीय सेना से मदद की अपील कर रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पीओके के लोग मंच से कह रहे हैं कि भारतीय सेना को यहां आना चाहिये और उन्हें पाकिस्तानी फौज से छुटकारा दिलाना चाहिये.
बता दें कि,POK में हर बिते दिन के साथ प्रदर्शन और तेज होते जा रहा है. लोग लगातार फौज और हुकूमत के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है. इस प्रदर्शन में पुरुषों के साथ-साथ अब महिलाएं भी शामिल हो रही है. पाकिस्तान जिस कश्मीर को आजाद बताता है, असल में लोग उसकी कैद से बाहर आने के लिए तड़प रहे है.
लोगों ने ‘ये वेतन हमारा है’ जैस नारे लगाए
शनिवार को पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में लोगों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और हड़ताल किया. दरअसल, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC)को बुलाने पर हजारों लोग सड़को पर इकट्ठा हो कर सुरक्षा बलों पर ज्यादती का आरोप लगाने लगे. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपनी कई मांगे बताई जैसे गिरफ्तार नेताओं की रिहाई, इंटरनेट सेवाएं बहाल और रेंजर्स का वापसी. इस घटना के दौरान रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और कई अन्य शहरों में बाजार बंद रहे और लोगों ने वहां जम कर धरना-प्रदर्शन किया. प्रोटेस्टर्स ने ‘ये वेतन हमारा है’ जैस नारे लगाए.
जेएएसी ने पूरे क्षेत्र में हड़ताल और प्रदर्शन शुरु कर दिए है. जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चें और युवा भी इन रैलियों में शामिल थे. प्रदर्शनकारियों ने सेना पर अत्याचार करने का आरोप लगाया है और अपनी कई मांगे भी रखी है, जिनमें- सुरक्षा बलों को वापस बुलाया जाना, नेताओं को तुरंत रिहा किया जाना, इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाना शामिल रहा.
लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी (Pakistan Occupied Kashmir)
रावलाकोट और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के कई अन्य इलाकों में लोग भारी संख्या में इकट्ठा होकर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं. इस विरोध की वजह से वहां के बाजार पूरी तरह बंद हैं, दुकानें नहीं खुली हैं और सड़कों पर गाड़ियों का आना-जाना भी बंद है. लोग टोलियों और रैलियों के रूप में प्रदर्शन वाली जगहों पर पहुंच रहे हैं. इस तनाव को देखते हुए मुजफ्फराबाद में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी कर दी गई है. पुलिस और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखकर मुख्य चौराहों और संवेदनशील रास्तों पर भारी संख्या में तैनात किया गया है.
महिलाओं ने भी अपने हक के लिए आवाज उठाई (Pakistani Army vs PoK)
जेएएसी ने इस आंदोलन को एक ऐतिहासिक आंदोलन बताया है. साथ ही नेताओं ने चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन को और तेज कर दिया जाएगा. POK में चल रहे इस आंदोलन को देखकर हम अंदाजा लगा सकते है कि लंबे समय से सैन्य दबाव, गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी की वजह से लोग कितने परेशान हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकार को मांग कर रहे है. इसके बाद से पाकिस्तान सरकार पर दबाव बढ़ चुका है.
इस विरोध प्रदर्शन में कश्मीरी महिलाओं ने भी सड़कों पर उतरकर अपने हक के लिए आवाज उठाई. उन्होंने इलाके में हो रहे अन्याय का विरोध करते हुए साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे अपना आंदोलन बंद नहीं करेंगी. इसी बीच, JAAC के कोर सदस्य, उमर नजीर कश्मीरी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि सुरक्षा बल उन्हें उकसाने या गुस्सा दिलाने की पूरी कोशिश कर सकते हैं, लेकिन किसी को भी बहकावे में नहीं आना है और न ही सरकारी या किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना है. वहीं दूसरी तरफ, अबिद शाहीन नाम के एक अन्य व्यक्ति ने और अधिक लोगों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
इंटरनेट सेवाएं तुरंत शुरु करने की मांग (Protests in Pakistan-occupied Kashmir)
प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट सेवाएं तुरंत शुरु करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि इंटरनेट बंद होने की वजह से ऑनलाइन टीचर्स, फ्रीलांसर,ऑनलाइन टीचर्स, और ई-कॉमर्स से जुड़े लोग बेहद परेशान हैं. विदेशों में रहने वाले कश्मीरियों से बातचीत बंद हो गया है. इसी बीच, अवामी एक्शन कमिटी नाम के संगठन ने विदेशों में रहने वाले कश्मीरियों से एकजुट होने और उनका साथ देने के लिए कहा है. इसके विरोध में लंदन में एक रैली निकाली जाएगी और पाकिस्तान के दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट नाम के एक संगठन ने भी ऐलान किया है कि वे लंदन में होने वाले इस प्रदर्शन में शामिल होंगे.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



