Quit India Movement: भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर देशभर में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को याद किया जा रहा है. इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए भारत छोड़ो आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले लिया था. इसी दौरान गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का ऐतिहासिक आह्वान किया, जिसने आजादी की लड़ाई को निर्णायक मोड़ दिया. आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारतीयों के दृढ़ संकल्प और एकजुटता को पूरी दुनिया के सामने रखा.
भारत छोड़ो आंदोलन है ऐतिहासिक अध्याय – अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने भारत छोड़ो आंदोलन को लेकर X पर लिखा, “महात्मा गांधी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ ‘c’ हमारे स्वाधीनता संग्राम का वह ऐतिहासिक अध्याय है, जिसने देशवासियों को एकजुट कर अंग्रेजी शासन से मुक्ति के लिए ‘करो या मरो’ का संकल्प और अदम्य साहस प्रदान किया. देश को आजाद कराने के इस महान संघर्ष में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं. ”
अमित शाह ने आगे लिखा, “अगस्त क्रांति का यह दिन हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए स्वदेशी को अपनाने, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा देता है.”
महात्मा गांधी जी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ हमारे स्वाधीनता संग्राम का वह ऐतिहासिक अध्याय है, जिसने देशवासियों को एकजुट कर अंग्रेजी शासन से मुक्ति के लिए ‘करो या मरो’ का संकल्प और अदम्य साहस प्रदान किया। देश को आजाद कराने के इस महान संघर्ष में अपना सर्वस्व… pic.twitter.com/jjqXjPqihP
— Amit Shah (@AmitShah) August 9, 2026
अन्य मंत्रियों ने भी किया याद
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर ट्वीट (X) करते हुए लिखा, “सन 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतवासियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की थी. स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध इस अगस्त क्रांति दिवस के स्मरण में आजादी के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले अमर बलिदानियों को शत-शत नमन.”
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट किया, “अगस्त क्रांति स्वतंत्रता संग्राम का वह ऐतिहासिक अध्याय है, जिसने देशवासियों में आजादी की लौ और संघर्ष का संकल्प जगाया. 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा देकर भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की, जो विदेशी शासन के विरुद्ध एक बड़ा जनआंदोलन बना. मां भारती की स्वतंत्रता के इस महायज्ञ में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले सभी अमर वीर सेनानियों को कोटि-कोटि नमन. उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान को राष्ट्र सदैव स्मरण करता रहेगा.”
-भारत एक्सप्रेस
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