Rahul Gandhi Prayagraj Visit
Rahul Gandhi Prayagraj Visit: प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं से सीधी बातचीत की. इस दौरान छात्रों ने सरकारी भर्तियों, पेपर लीक, नॉर्मलाइजेशन और लंबे समय से अटकी परीक्षाओं से जुड़ी अपनी परेशानियां उनके सामने रखीं. राहुल गांधी ने भी रोजगार के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि युवाओं के लिए नौकरी के मौके लगातार कम होते जा रहे हैं.
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा सालों तक सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को रोजगार मिल पाता है. उन्होंने दावा किया कि एक हजार युवाओं में से करीब 12 लोगों को ही नौकरी मिलती है. राहुल ने सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती आदत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रील और वीडियो युवाओं के लिए 21वीं सदी के नशे की तरह बनते जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने मंच पर एक युवक का वीडियो भी दिखाया. वीडियो में युवक कहता नजर आया कि वह ब्लिंकिट में करीब 10 घंटे काम करने के बाद पढ़ाई करता है. इतनी मेहनत के बावजूद जब परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है, तो उसकी सारी उम्मीद टूट जाती है.
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि गरीब और सामान्य परिवारों के युवा सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन अगर कोई पैसे के दम पर पेपर खरीद लेता है तो उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है.
LIVE: Chhatron Ki Goonj | Prayagraj, Uttar Pradesh https://t.co/tmhyM5xUEA
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 8, 2026
छात्रों ने सुनाई भर्ती की परेशानी
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने दो छात्रों को मंच पर बुलाकर उनसे बातचीत भी की. एक छात्र ने यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती का मुद्दा उठाया. उसने आरोप लगाया कि लंबे समय बाद भर्ती आई लेकिन उसमें भी गड़बड़ी हुई.
छात्र ने कहा कि कई परीक्षाओं में स्कोर कार्ड तक जारी नहीं किए जाते. इससे अभ्यर्थियों को यह पता ही नहीं चल पाता कि उनके कितने नंबर आए और वे चयन से कितने पीछे रह गए.
उसने बताया कि अपनी शिकायत लेकर वह जनता दरबार और एक कैबिनेट मंत्री तक पहुंचा था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. छात्र का दावा था कि आवाज उठाने पर उसे जेल तक जाना पड़ा.
इसी दौरान छात्र ने नॉर्मलाइजेशन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. उसने कहा, ‘नॉर्मलाइजेशन पेपर लीक से भी बड़ा घोटाला है.’ छात्र का आरोप था कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और अभ्यर्थियों को यह समझ ही नहीं आता कि उनके अंक किस आधार पर घटाए या बढ़ाए गए.
2018 से भर्ती का इंतजार
एक छात्र ने बताया कि उसने साल 2018 में शिक्षक भर्ती की तैयारी शुरू की थी, लेकिन आज भी नौकरी का इंतजार कर रहा है. उसने कहा कि सरकार के पास पद खाली हैं, इसके बावजूद समय पर भर्ती नहीं निकलती.
छात्रों ने राहुल गांधी के सामने यह मांग भी रखी कि सभी सरकारी भर्तियों का एक तय कैलेंडर जारी होना चाहिए. उनका कहना था कि कई परीक्षाओं के रिजल्ट आने में ही सालों लग जाते हैं. ऐसे में युवाओं की उम्र भी निकलती जाती है और उन्हें यह पता नहीं रहता कि भर्ती कब पूरी होगी.
‘एक के बाद एक पेपर लीक हुए’
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा कि बार-बार पेपर लीक होने से उन पर क्या असर पड़ता है. इस पर एक युवक ने कहा कि जो छात्र छोटे से कमरे में रहकर दिन-रात तैयारी करता है, उसके लिए पेपर लीक होना बहुत बड़ा झटका होता है.
छात्रों ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. उन्होंने 2017 की दरोगा भर्ती, 2018 की यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती और 2022 की लेखपाल भर्ती समेत कई परीक्षाओं का जिक्र किया.
राहुल गांधी ने कहा कि युवा एक साथ तीन-चार सरकारी भर्तियों की तैयारी करते हैं. महीनों और सालों तक पढ़ाई चलती है, लेकिन परीक्षा के वक्त अगर पेपर लीक हो जाए तो उनकी पूरी मेहनत बेकार चली जाती है.
रोजगार के रास्ते बंद होने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने रोजगार और उद्योग के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर उतनी तेजी से नहीं बढ़ा, जितनी जरूरत थी. इस मामले में उन्होंने चीन, बांग्लादेश और वियतनाम का उदाहरण दिया.
उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी और दूसरी आर्थिक नीतियों से छोटे कारोबार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नुकसान पहुंचा. राहुल ने स्टार्टअप और छोटे कारोबार के लिए मिलने वाले कर्ज पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि आम युवा और छोटे कारोबारियों के लिए बैंक से पैसा लेना मुश्किल है, जबकि बड़ी कंपनियों को आसानी से बड़ी रकम मिल जाती है.
राहुल गांधी ने पब्लिक सेक्टर में नौकरियों की संख्या घटने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पहले बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में रोजगार मिलता था, लेकिन निजीकरण के बाद इन नौकरियों के मौके कम हुए हैं.
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी जिक्र किया और कहा कि आने वाले समय में तकनीक रोजगार की दुनिया को और तेजी से बदलने वाली है. ऐसे में सरकार को युवाओं के लिए नए रोजगार के रास्ते तैयार करने होंगे.
प्रयागराज के इस कार्यक्रम में ज्यादातर चर्चा भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और बेरोजगारी के आसपास रही. छात्रों ने अपनी परेशानियां खुलकर रखीं, वहीं राहुल गांधी ने इन्हीं मुद्दों के सहारे सरकार की रोजगार नीतियों पर सवाल खड़े किए.
-भारत एक्सप्रेस
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