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पापा का सपना पूरा करेंगे राहुल गांधी! पढ़ें पिता राजीव गांधी को याद करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने क्या लिखा?

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बचपन की तस्वीर शेयर कर पिता को याद किया. राहुल ने कहा कि पापा ने भारत को मजबूत बनाने का जो सपना देखा था, उसे वह साकार करेंगे.

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21 मई का दिन भारत के इतिहास में एक अत्यंत भावुक और कभी न भूलने वाला दिन है. साल 1991 में आज ही के दिन देश ने अपने एक युवा और दूरदर्शी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को खो दिया था. पिता की पुण्यतिथि (शहादत दिवस) के मौके पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें याद करते हुए एक बेहद भावुक संदेश साझा किया है. राहुल गांधी ने संकल्प लिया है कि उनके पिता ने भारत को समृद्ध और मजबूत बनाने का जो सपना देखा था, उसे वह हर हाल में साकार करेंगे.

बृहस्पतिवार सुबह राहुल गांधी ने अपने पिता के साथ बचपन की एक बेहद खूबसूरत और पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. अपने पिता को नमन करते हुए राहुल गांधी ने ‘X’ पर लिखा-

‘पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा. आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी.’

‘वीर भूमि’ पहुंचे सोनिया, राहुल और प्रियंका

राजीव गांधी की पुण्यतिथि के इस भावुक मौके पर सुबह-सुबह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने दिल्ली स्थित उनके स्मारक ‘वीर भूमि’ का रुख किया. सभी नेताओं ने पुष्प अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस दौरान पूरा माहौल बेहद गंभीर और गरिमामयी नजर आया.

21वीं सदी के भारत के निर्माता थे राजीव गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए उन्हें देश का सच्चा सपूत बताया. खरगे ने लिखा कि राजीव गांधी ने अपनी दूरदर्शिता और साहस के दम पर ही 21वीं सदी के आधुनिक भारत की नींव रखी थी. उन्होंने देश में आए बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए उनके कुछ ऐतिहासिक फैसलों को याद किया.

  • युवाओं को हक: मतदान की उम्र को 21 साल से घटाकर 18 साल करना.
  • पंचायती राज: स्थानीय स्वशासन को मजबूत कर सत्ता को गांवों तक पहुंचाना.
  • डिजिटल क्रांति: देश में दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्रांति की शुरुआत करना.
  • समावेशी शिक्षा: नवोदय विद्यालयों जैसी दूरदर्शी शिक्षा नीति और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम लागू करना.

वो काला दिन जिसने देश को हिला दिया

इतिहास के पन्नों को पलटें तो 21 मई 1991 का दिन भारत के लिए एक गहरे जख्म जैसा है. तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान श्रीलंका के उग्रवादी संगठन लिट्टे (LTTE) के आत्मघाती हमलावरों ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेरहमी से हत्या कर दी थी.

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एक महिला फूलों का हार लेकर उनके बेहद करीब पहुंची और खुद को बम से उड़ा दिया. वह धमाका इतना भयावह था कि पूरे देश की आत्मा कांप उठी थी. भले ही आज राजीव गांधी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके बेटे राहुल गांधी ने अब उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का बीड़ा उठा लिया है.



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