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‘राहुल को बचपन का ट्रॉमा…’ कंगना रनौत का राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला

लोकसभा में राहुल गांधी के महिला आरक्षण बिल पर दिए गए भाषण के बाद विवाद बढ़ गया है. बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने उन पर तीखा हमला करते हुए ‘बचपन के ट्रॉमा’ वाला बयान दिया.

Rahul Gandhi speech controversy

शुक्रवार (17 अप्रैल) को संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पर बोलते हुए सरकार पर निशाना साधा. अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की ताकत लगातार घट रही है और यह बिल उसी डर से लाया गया है. राहुल ने केंद्र सरकार पर संविधान से ऊपर मनुवाद को रखने का आरोप लगाया. इस पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बचपन के ट्रॉमा से गुजर रहे हैं.

बचपन के ट्रॉमा से गुजर रहे हैं- कंगना

हिमाचल प्रदेश की मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि, “राहुल गांधी को सुनना सिरदर्द है. वो अपने बचपन के ट्रॉमा से गुजर रहे हैं. बचपन मे उन्होंने जो मैजिक शो देखा होगा, हमें उसके बारे में बताया. एक जादूगर ने उन्हें जंजीरों से बांधा था. उन्हें रात को कंपन होती थी. दादी कहानी सुनाती थी. ये एकदम बकवास की बात है. अध्यक्ष जी ने भी उन्हें कहा कि आप इसे बंद करो. तब राहुल गांधी ने कहा आपको मजे आएंगे. आप मजे लो. ये बेहूदा बात थी. मुझे खेद है. उन्होंने संसद भवन का मजाक बनाकर रखा है.”

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने इस बिल को लेकर सरकार पर कड़ा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि अपनी सत्ता मजबूत करना है. उनके अनुसार, यह कदम देश के हित में नहीं है और वे इसका विरोध करेंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार उत्तर और दक्षिण भारत के बीच फर्क कर रही है. राहुल का कहना था कि सरकार की ताकत कम हो रही है, इसलिए ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं.


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राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार संविधान से ज्यादा कुछ खास विचारधाराओं को महत्व देती है और सच से बचती है. उनके मुताबिक, यह बिल कमजोर वर्गों के अधिकारों को नुकसान पहुंचा सकता है, जैसा कि पहले कुछ राज्यों में हो चुका है.

-भारत एक्सप्रेस



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