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राजस्थान में सूरज के तेवर तीखे होते ही गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल करना शुरू कर दिया है. 20 अप्रैल को राजधानी जयपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां तापमान पहली बार 40°C की सीमा लांघ गया. केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के 18 शहरों में पारा 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है, जिससे मरुधरा अब तपने लगी है.
लू का असर और मौसम का मिजाज
झुंझुनूं और अलवर सहित आसपास के इलाकों में दिन के समय गर्म हवाओं (हीटवेव) ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, सीमावर्ती जिलों जैसे जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में हल्के बादल छाए रहे, जिससे वहां उमस भरी गर्मी महसूस की गई. वहीं, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के क्षेत्रों में धूलभरी हवाओं ने मुश्किल बढ़ा दी है. इसके उलट कोटा और उदयपुर संभाग में आसमान पूरी तरह साफ रहने से तीखी धूप का असर देखा गया.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
हीटवेव की गंभीर आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है. कोटा जैसे शहरों में तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंचने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड सुरक्षित रखे जाएं. आम जनता को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें.
गर्मी में अभी और बढ़ेगा तापमान
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में गर्मी के तेवर और कड़े होंगे. तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है. विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले दिनों में लू का प्रकोप और बढ़ सकता है.
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