Ganeshraj Bansal Rajasthan Politics: राजस्थान के हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को करीब 23 वर्ष पुराने बहुचर्चित जमीन लीज फर्जीवाड़ा मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई है. शनिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बंसल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली.
सीजेएम कोर्ट के फैसले के बाद ऊपरी अदालत से राहत
इससे पहले शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने बंसल की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. साथ ही सीजेएम अदालत ने सीआईडी-सीबी (CID-CB) की 7 दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग को भी ठुकराते हुए विधायक को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया था. निचली अदालत से झटका लगने के बाद बचाव पक्ष ने तुरंत जिला एवं सत्र न्यायालय का रुख किया, जहां शनिवार को उन्हें नियमित जमानत दे दी गई. गिरफ्तारी के बाद विधायक ने 4 दिन पुलिस कस्टडी और एक दिन जेल में बिताया.
क्या है 23 साल पुराना लीज पट्टा विवाद?
यह पूरा मामला वर्ष 2003 का है, जब हनुमानगढ़ नगर परिषद ने जंक्शन स्थित सेक्टर-9एल में प्लॉट नंबर 8 और 16 के लीज पट्टे जारी किए थे. सीआईडी-सीबी की जांच में सामने आया कि लीज डीड में दर्ज तथ्यों और नगर परिषद के आधिकारिक अभिलेखों में भारी विसंगतियां थीं. जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी भूमि को निजी भूमि दर्शाकर अपात्र लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये की चपत लगी.
परिवार सहित कई लोगों पर दर्ज है एफआईआर
पुलिस ने 17 सितंबर को विधायक गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी व पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष संतोष बंसल, पूर्व अधिशासी अधिकारी (ईओ) भंवरलाल सोनी तथा प्लॉट मालिक कृष्णा रानी व राजरानी चुघ के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं. इसके बाद 19 सितंबर को बीकानेर से हिरासत में लेकर 20 सितंबर को विधायक की विधिवत गिरफ्तारी की गई थी. शनिवार को जमानत मिलने के दौरान अदालत परिसर में भारी संख्या में उनके समर्थक और अधिवक्ता मौजूद रहे.
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