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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया 5-Year War का टारगेट: थलसेना, नौसेना, वायुसेना.. आखिर कैसे मजबूत होंगी हमारी ये तीनों सेना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेनाओं को 5-वर्षीय युद्ध के लिए तैयार रहने का लक्ष्य दिया. अनिश्चित वैश्विक स्थिति में थलसेना, नौसेना, वायुसेना को हथियार भंडार, AI, साइबर पर फोकस. थिएटर कमांड स्थापित करने पर रहेगा जोर.

Rajnath Singh

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Defence Minister Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों को एक महत्वपूर्ण चुनौती दी है. मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में ‘रण संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सेनाओं को छोटे संघर्षों से लेकर पांच साल तक चलने वाले लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए. यह बयान 27 अगस्त 2025 को दिया गया, जहां उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं का जिक्र किया. रूस-यूक्रेन युद्ध दो साल से अधिक समय से चल रहा है, जबकि इजराइल-हमास संघर्ष भी लंबा खिंच गया है. सिंह ने जोर दिया कि भारत किसी की जमीन नहीं चाहता, लेकिन अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा.

युद्ध की अनिश्चितता और राष्ट्रीय सुरक्षा का दृष्टिकोण

रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध की अवधि अनुमान लगाना मुश्किल है— यह दो महीने, एक साल या पांच साल तक चल सकता है. इसलिए, सेनाओं की तैयारी टिकाऊ और लचीली होनी चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को ‘पूरे राष्ट्र का दृष्टिकोण’ बताया, जिसमें सैन्य के अलावा आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक पहलू शामिल हैं. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वदेशी हथियारों की ताकत पर जोर दिया, लेकिन आत्मनिर्भरता की राह अभी लंबी है. 2025 को ‘सुधारों का वर्ष’ घोषित किया गया है, जिसमें इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड स्थापित करने का लक्ष्य है. AI, साइबर और स्पेस वॉरफेयर जैसी उभरती तकनीकों पर फोकस जरूरी है.

भारतीय सेना की तैयारी- जमीन पर मजबूती

सेना को पांच साल के युद्ध के लिए हथियारों और गोला-बारूद का पर्याप्त भंडारण करना होगा. वर्तमान में 10-15 दिनों का स्टॉक है, जिसे 30-40 दिनों तक बढ़ाना चाहिए. स्वदेशी तोपें जैसे धनुष, ATAGS और मिसाइलें (ब्रह्मोस, पिनाका) बढ़ानी होंगी. सीमा पर बुनियादी ढांचा मजबूत करें—LAC और LoC पर 73,000 किमी सड़कें और 400 पुल बन चुके हैं, लेकिन 10,000 किमी और सड़कें बनानी होंगी. ड्रोन, AI से निगरानी बढ़ाएं. संयुक्त अभ्यासों में साइबर वॉरफेयर और रोबोटिक्स ट्रेनिंग दें. 1 लाख सैनिकों को AI ट्रेनिंग का लक्ष्य है. 75% खरीद स्वदेशी हो.

हिंद महासागर में नौसेना की तैयारी

नौसेना को लंबे युद्ध के लिए स्वदेशी युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमानवाहक पोत बढ़ाने होंगे. अग्नि-5 जैसी मिसाइलों का एकीकरण करें. हिंद महासागर में निगरानी के लिए ड्रोन फ्लीट और सैटेलाइट सिस्टम मजबूत करें. थिएटर कमांड के तहत आर्मी और एयरफोर्स के साथ जॉइंट ऑपरेशंस पर फोकस. स्वदेशीकरण में तेजी लाएं, जैसे विक्रांत कैरियर का विस्तार.

वायुसेना की तैयारी: आकाशीय श्रेष्ठता

वायुसेना को लड़ाकू विमानों का बेड़ा मजबूत करना होगा, जैसे राफेल, तेजस MK-1A. AI-आधारित ड्रोन और मिसाइल डिफेंस सिस्टम विकसित करें. स्पेस कमांड के साथ समन्वय बढ़ाएं. लंबे युद्ध के लिए ईंधन और स्पेयर पार्ट्स का स्टॉक सुनिश्चित करें.

यह लक्ष्य भारत को वैश्विक शक्ति बनाएगा, लेकिन चुनौतियां हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बजट बढ़ाना और तकनीकी निवेश जरूरी है.

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