उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान राम का मंदिर निर्धारित समय सीमा में बनकर तैयार हो गया है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के 1 साल 9 महीने के बाद अयोध्या में एक बार फिर बड़ा आयोजन होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत 25 नवंबर को धर्मध्वजा फहराने अयोध्या आएंगे. यह जानकारी मंदिर के दर्शन प्रशासक गोपाल राय ने दी है.
पीएम मोदी करेंगे मुख्य मंदिर का ध्वजारोहण
गोपाल राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “25 नवंबर को श्री राम जन्मभूमि परिसर के भीतर सभी मंदिर शिखरों पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए जाएंगे. मुख्य मंदिर का ध्वजारोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा किया जाएगा.”
उन्होंने कहा कि मंदिर में निर्माण कार्य पूरा होने वाला है. करीब 2,500 मजदूर और इंजीनियर मिलकर काम कर रहे हैं. ये लोग दिन और रात दोनों समय कार्य कर रहे हैं, जिससे काम को समय पर पूरा किया जा सके. बाकी सभी काम समय पर पूरा हो जाएगा.
मंदिर की सजावट अभी बाकी
गोपाल राय ने बताया कि मंदिर में सजावट की योजना अभी बनाई जा रही है. सजावट के लिए कहां से क्या आएगा, इसकी भी योजना बनाई जा रही है. धर्म ध्वजा फहराने के दौरान लगभग सात हजार लोग एक साथ बैठ सकें, इसकी व्यवस्था मंदिर प्रशासन की तरफ से की जा रही है. पिछली बार कार्यक्रम में आठ हजार लोग बैठे थे.
उन्होंने बताया कि बैठने में पूर्वी उत्तर प्रदेश के भील समाज के लोगों को बुलाया जा रहा है. यह कार्यक्रम पूर्वी उत्तर प्रदेश को ही केंद्रित करके किया जा रहा है. उसके लिए जो भी व्यवस्था चाहिए, वह की जा रही है. हम लोग सभी काम 15-16 नवंबर तक पूरा कर लेंगे. उसके बाद सजावट का काम शुरू किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे और यदि संभव हुआ तो भित्ति चित्र देखने के लिए परिकोटा भी जाएंगे. ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि वे सप्त ऋषि मंदिर भी जा सकते हैं. इसे देखते हुए सारी तैयारी की जा रही है. प्रधानमंत्री मंदिर निर्माण के मजदूरों और इंजीनियरों से भी बात कर सकते है.
ये भी पढ़ें: ‘विशेष अभियान 5.0’ के नए मानक स्थापित हुए, मोदी सरकार ने कचरे के निपटान से 4 साल में की 4,085 करोड़ रुपए की कमाई
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
