फाइल फोटो-सोशल मीडिया
नई दिल्ली: नेशनल कमिशन फॉर वीमेन (एनसीडब्ल्यू) ने कोलकाता के सियालदह कोर्ट द्वारा आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले में सुनाए गए फैसले का स्वागत किया है. कोर्ट ने 18 जनवरी, 2025 को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के आदेश के तहत आरोपी संजय रॉय को 9 अगस्त, 2024 को किए गए इस जघन्य अपराध के लिए दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.
एनसीडब्ल्यू ने पहले इस मामले में मृत्युदंड की सिफारिश की थी, लेकिन कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को स्वीकार किया और इसे न्याय की दिशा में सही कदम बताया. आयोग ने इस मामले में त्वरित कार्यवाही की प्रशंसा की, जिसने समाज में न्याय का भरोसा कायम किया. इस अपराध ने समाज को झकझोर दिया था, और इसे देखते हुए एक सख्त फैसले की मांग उठ रही थी.
आयोग ने अपने बयान में कहा कि यह सजा समाज में न्याय की भावना को मजबूत करेगी और यह संदेश देगी कि इस प्रकार के अपराध बिना सजा के नहीं रहेंगे. एनसीडब्ल्यू ने इस मामले में अन्य आरोपियों की भी जवाबदेही तय करने की मांग की है, जो वर्तमान में जमानत पर हैं. आयोग ने कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
एनसीडब्ल्यू ने दोषी की मां के बयान की भी सराहना की, जिसमें उन्होंने कहा कि कानून भावनाओं से बड़ा होता है. यह बयान दिखाता है कि गंभीर मामलों में न्याय और कानून की प्रक्रिया का महत्व सर्वोपरि है. आयोग ने उम्मीद जताई है कि यह मामला महिला सुरक्षा और गरिमा के लिए सुधारों को प्रेरित करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं को न्याय और सुरक्षा का अधिकार मिले.
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-भारत एक्सप्रेस
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