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‘चीन पर सैम पित्रोदा का बयान, गलवान के शहीदों का अपमान’: सुधांशु त्रिवेदी

राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के बयान को गलवान के शहीदों का अपमान बताया है. 

Sudhanshu Trivedi

सुधांशु त्रिवेदी. (फोटो: IANS)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है. अब समय आ गया है कि हम पड़ोसी देश को पहचानें और उसका सम्मान करें. पित्रोदा ने भारत-चीन संबंधों पर कहा कि भारत को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है और यह धारणा छोड़ने की जरूरत है कि चीन दुश्मन है.

सैम पित्रोदा ने कहा कि मुझे नहीं पता कि चीन से क्या खतरा है. मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अक्सर जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, क्योंकि अमेरिका को हमेशा दुश्मन की पहचान करनी होती है. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अब सभी देशों को एक साथ आने का समय है. हमें सीखने, संवाद बढ़ाने, सहयोग करने और मिलकर काम करने की जरूरत है, हमें ‘कमांड और कंट्रोल’ की मानसिकता से बाहर निकलना होगा. पित्रोदा ने इसके अलावा भी बातचीत में और भी कई बातें कहीं है.

बयान के बाद आलोचना शुरू

सैम पित्रोदा के चीन को लेकर दिए बयान ने आलोचनाओं को हवा दे दी है. राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के बयान को गलवान के शहीदों का अपमान बताया है.  सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है. लेकिन, कुछ शक्तियां इसे प्रभावित करने में लगी हुई है. ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने आज चीन को लेकर आज जिस प्रकार का बयान दिया है, उससे यह बात बहुत साफ हो गई है कि कांग्रेस पार्टी के चीन के साथ हुए करार का इजहार वो दिनदहाड़े कर दिया है.

भारत की संप्रभुता पर बहुत गहरा आघात

सांसद त्रिवेदी ने कहा,


“गंभीर बात ये है कि जिस प्रकार की बात सैम पित्रोदा ने कही है, वो भारत की अस्मिता, कूटनीति और भारत की संप्रभुता पर बहुत गहरा आघात है उन्होंने (पित्रोदा) कहा है कि चीन के साथ तो किसी प्रकार का विवाद ही नहीं है, यानी भारत ही आक्रामक मुद्रा लिए हुए है? भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विश्व के हर देश के साथ अच्छे और सौहार्दपूर्ण संबंध चाहती है. लेकिन, राष्ट्रीय स्वाभिमान, सुरक्षा और सुदृढ़ता हमारे लिए सर्वोपरि है.”

क्या यह गलवान के शहीदों का अपमान नहीं है

भाजपा नेता ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कई बार इस तरह का बयान दे चुके हैं. राहुल गांधी ने एक विदेशी दौरे में कह दिया था कि चीन ने बेरोजगारी को कम करने में अच्छा काम किया है. पित्रोदा के बयान को उन्होंने गलवान के शहीदों का अपमान बताया. राज्यसभा सांसद ने पूछा, ” क्या यह गलवान के शहीदों का अपमान नहीं है? गलवान में हमारे सैनिक शहीद हो गए. लेकिन, इसके बावजूद अगर कांग्रेस ओवरसीज प्रमुख इस तरह की भाषा बोलता है, तो यह निंदनीय है. यह भारतीय सेना के बलिदान का घनघोर अपमान है.”

आईएएनएस से बातचीत में पित्रोदा ने कहा था कि भारत को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है और यह धारणा छोड़ने की जरूरत है कि चीन दुश्मन है. चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है. सैम पित्रोदा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि चीन से क्या खतरा है. मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अक्सर जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, क्योंकि अमेरिका को हमेशा दुश्मन की पहचान करनी होती है.”


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-भारत एक्सप्रेस



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