Shashi Tharoor Power In Congress: कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद शशि थरूर इन दिनों फुल ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं. एक तरफ कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उनका कद बढ़ाया है, तो दूसरी तरफ यह नई ‘पावर’ मिलते ही थरूर ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (नागरिक उड्डयन मंत्रालय) के दावों को आड़े हाथों लेते हुए तीखे सवालों की झड़ी लगा दी है.
आखिर अचानक शशि थरूर इतने आक्रामक क्यों हो गए हैं और इसके पीछे का पूरा सियासी समीकरण क्या है? आइए समझते हैं
आखिर ‘समाधान’ का मतलब क्या है? (Shashi Tharoor Questions Aviation Ministry)
लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दावा किया था कि यात्रियों की 97% शिकायतों का समाधान कर दिया गया है. इस दावे पर शशि थरूर ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि असल में इस “समाधान” की परिभाषा क्या है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पेंडेंसी का पूरा डेटा पब्लिश करना चाहिए और ‘ट्रांसपेरेंट अकाउंटेबिलिटी स्टैंडर्ड’ बनाने चाहिए ताकि यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे से खिलवाड़ न हो. इसके साथ ही थरूर ने सरकार से पूछे कई तीखे सवाल किए हैं.
- क्या शिकायतों का निपटारा पैसेंजर की संतुष्टि के हिसाब से हुआ है, या सिर्फ कागजों पर मान लिया गया है कि काम हो गया?
- जो शिकायतें गंभीर हैं और जिनके लिए 72 घंटे तक इंतजार नहीं किया जा सकता, उनके लिए कोई अलग ‘फ़ास्ट-ट्रैक प्रोटोकॉल’ या टाइम-बाउंड सिस्टम क्यों नहीं है?
- मंत्रालय ने एयरलाइन के हिसाब से शिकायतों का डेटा, एयरलाइंस पर लगाई गई पेनल्टी और रेगुलेटरी कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं दी है.
इधर कांग्रेस ने थरूर को सौंपी बड़ी कमान (Shashi Tharoor In Kerla Congress)
थरूर के इस आक्रामक रुख के पीछे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और उनका बढ़ता कद भी एक बड़ा कारण है. आगामी केरल विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं.
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पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ‘कैंपेन कमेटी’ और ‘मैनिफेस्टो कमेटी’ को तुरंत प्रभाव से मंजूरी दे दी है. इसमें दिग्गज नेता रमेश चेन्निथला को कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि डॉ. शशि थरूर को सह-अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी दी गई है. इस नई जिम्मेदारी से थरूर अब पार्टी के फ्रंटलाइन रणनीतिकारों में शुमार हो गए हैं.
BJP की सेंधमारी से बढ़ा सियासी पारा
केरल की सियासत में हलचल सिर्फ कांग्रेस खेमे में नहीं है. शशि थरूर के अपने गढ़ ‘तिरुवनंतपुरम’ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त सेंधमारी की है, जिसने सभी दलों की टेंशन बढ़ा दी है. तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 40 साल से ज्यादा समय से चले आ रहे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के दबदबे को खत्म करते हुए बीजेपी ने पहली बार यहां ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. इस जीत से गदगद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेयर वीवी राजेश के नेतृत्व में दिल्ली आए बीजेपी पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल को अपने आधिकारिक आवास पर डिनर के लिए बुलाया.
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