देश भर में अलग साइकिल ट्रैक बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में राज्यों के पास किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए धन नहीं है तथा लोगों के पास पीने का स्वच्छ पानी नहीं है, ऐसी स्थिति में साइकिल ट्रैक के बारे में कल्पना करना ठीक नही है.
जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि भारत की तुलना नीदरलैंड से नहीं कर सकते. यह याचिका दविंदर सिंह नेगी ने दायर की थी. याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि कई राज्यों में साइकिल ट्रैक पहले से ही मौजूद है. और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के गेट के बाहर भी साइकिल ट्रैक है. याचिकाकर्ता के वकील अटल मिशन योजना का भी उल्लेख किया, जो शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए लागू की गई थी.
झुग्गी-झोपड़ियों की लगाने के लिए बोला कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपने प्राथमिकताओं को सही करने की जरूरत है. साथ ही अभी ज्यादा जरूरी मद्दों पर ध्यान देना चाहिए. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों में जाइए, पता लगाइए कि लोग किस हालत में रह रहे हैं. राज्यों के पास किफायती आवास मुहैया कराने के लिए पैसे नहीं है और हम दिन में सपने देख रहे हैं.
लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. ऐसे में आप दिन में सपने देख रहे हैं कि साइकिल ट्रैक होना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि हमारी प्राथमिकताएं गलत हो रही हैं. हमें अपनी प्राथमिकताएं सही रखनी होगी. हमें संविधान के अनुच्छेद 21 के बारे में अधिक चिंतित होनी चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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