नीतीश कटारा हत्या मामले में में दोषी सुखदेव पहलवान की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 3 मार्च को सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दे दिया है. सुखदेव पहलवान ने रिमिशन की मांग की है. सुखदेव पहलवान की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल 20 साल से.अधिक सजा काट चुके है. उन्हें जेल से अभी तक नही छोड़ा गया है.
3 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव की सजा घटाकर 24 साल कर दी थी, जबकि सुखदेव पहलवान की सजा घटाकर 20 साल कर दी थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव को 25 साल और 5 साल की दो सजा यानी 30 साल कैद की सजा दी थी. जबकि सुखदेव पहलवान को 20 साल और 5 साल की यानी 25 साल की कैद की सजा दी थी.
कोर्ट ने आरोपी को मौत की सजा देने से किया इंकार
विशाल यादव यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव का भतीजा है. दोनों की नीतीश कटारा की हत्या के दोषी है. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.
-भारत एक्सप्रेस
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