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संसद उड़ाने की धमकी देने के मामले में दोषी करार दिए गए मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते की सजा पर 19 मार्च को होगी बहस

दिल्ली की राउज एवन्यू कोर्ट ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को साल 2022 में संसद को उड़ाने की धमकी देने के मामले में दोषी करार दिया. 19 मार्च को सजा पर बहस होगी.

Former Madhya Pradesh MLA Kishore Samrite

मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते

Edited by Akansha
सितंबर 2022 में संसद को उड़ाने की कथित धमकी देने के मामले में दोषी करार दिए गए मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते की सजा पर 19 मार्च को बहस होगी. राऊज एवेन्यु कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने किशोर समरीते को विभिन्न धाराओं के तरह दोषी करार दिया था. लेकिन कोर्ट ने समरीते को विस्फोटक रखने एवं इसके जरिए जान को खतरे में डालने या चोट पहुंचाने के आरोपों से बरी कर दिया था.

संसद को उड़ाने की दी गई थी धमकी

अदालत ने कहा कि राज्यसभा के महासचिव के कार्यालय को कथित तौर पर भेजे गए पार्सल में पाए गए पदार्थ की जांच करने पर पता चला कि वह विस्फोट करने की क्षमता के मामले में हानिरहित है. लेकिन विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5(ए) (विस्फोटक पदार्थ के माध्यम से जीवन को खतरे में डालना) एवं विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी(1)(बी) (विस्फोटक पदार्थ का निर्माण, आयात या निर्यात) के तहत आरोप साबित नहीं हुए. फिर भी यह स्थापित हो गया कि आरोपी ने एक पत्र भेजा था, जिसमें धमकी दी गई थी कि अगर उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वह भारत की संसद को उड़ा देगा.

अदालत ने आईपीसी की धारा 506 भाग 2 के तहत ठहराया दोषी

अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 506 भाग 2 (जान से मारने या गंभीर रूप से चोट पहुंचाने की धमकी) के तहत दोषी ठहराया है जिसके लिए उन्हें अधिकतम सात साल की सजा हो सकता है. मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी से पूर्व विधायक समरीते ने 16 सितंबर, 2022 को राज्यसभा अधिकारी को एक धमकी भरा पत्र भेज कर संसद को उड़ाने की धमकी दी थी. पत्र में कुछ मांगें और एक संदिग्ध पदार्थ था. कोर्ट ने कहा कि समरीते की ओर से भेजी गई सामग्री में संविधान और भारतीय ध्वज की प्रति के अलावा एक पत्र और एक संदिग्ध पदार्थ भी था.



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