दिल्ली में रविवार (24 मई, 2026) को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन होने जा रहा है. ‘जनजातीय सांस्कृतिक समागम’ नाम से आयोजित यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में किया जा रहा है. इस आयोजन का उद्देश्य देशभर के जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और उनके जीवन मूल्यों को एक बड़े राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना है.
आयोजकों का कहना है कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय अस्मिता और गौरव का उत्सव होगा.
इस विशाल आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से करीब 1.5 लाख जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों और समुदाय के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. खास बात यह है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से भी विशेष प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचेगा. इतने बड़े स्तर पर होने वाला यह समागम अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है, जिसकी तैयारियां अभी से पूरे जोर-शोर से चल रही हैं.
दिल्ली में पांच जगहों से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
कार्यक्रम के तहत राजधानी दिल्ली के पांच अलग-अलग स्थानों से भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी. इनमें राजघाट चौक, रामलीला मैदान, अजमेरी गेट चौक, कुदसिया बाग (कश्मीरी गेट) और श्यामगिरि मंदिर (शास्त्री पार्क बस डिपो के पास) शामिल हैं. ये सभी शोभायात्राएं अलग-अलग मार्गों से होते हुए लाल किले के मैदान में आकर समाप्त होंगी. इन यात्राओं में जनजातीय नृत्य, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी.
लाल किले के मैदान में होगा मुख्य कार्यक्रम
पूरा आयोजन लाल किले के मैदान में केंद्रित रहेगा, जहां मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराओं की झलक एक साथ देखने को मिलेगी. आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए एक विशेष समन्वय समिति लगातार काम कर रही है.
गृह मंत्री होंगे मुख्य अतिथि
इस ऐतिहासिक समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. उनके आगमन को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी भी बड़े स्तर पर की जा रही है. आयोजन समिति का कहना है कि यह कार्यक्रम दिल्ली में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जनजातीय संस्कृति को समर्पित होगा और इसे यादगार बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी-मेलोनी मुलाकात पर कांग्रेस का हमला, ‘हनीमून’ वाले बयान पर मचा बवाल
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


