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UP Budget 2025: योगी सरकार ने किया 46 लाख गन्ना किसानों को 2,73,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान, जानें क्या-क्या घोषणाएं हुईं

यूपी बजट 2025 में किसानों के उत्थान के लिए योगी सरकार ने विभिन्न योजनाओं की घोषणा की, जिसमें पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, सोलर पंप, गन्ना भुगतान और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा शामिल है.

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Aarika Singh Edited by Aarika Singh

UP Budget 2025: बजट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अन्नदाता किसानों के उत्थान को लेकर योगी सरकार के प्रयासों को बताया. साथ ही किसान हित से जुड़ी योजनाओं व उनके उत्थान के बारे में सुरेश खन्ना ने योगी सरकार के निरंतर प्रयासों से भी सदन को अवगत कराया. वहीं किसानों के लिए प्रस्तावित योजना और आवंटित धनराशि के बारे में भी जानकारी दी.

● प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत लगभग 03 करोड़ कृषकों को लगभग 79,500 करोड़ रुपये की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी .

● प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में लगभग 10 लाख बीमित कृषकों को लगभग 496 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान कराया गया.

● पी.एम. कुसुम योजना के अन्तर्गत वर्ष 2024 में कृषकों के प्रक्षेत्रों पर विभिन्न क्षमता के कुल 22,089 सोलर पम्पों की स्थापना करायी गयी.

● कृषकों को दुर्घटनावश मृत्यु दिव्यांगता की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना दिनाँक 14 सितम्बर, 2019 से लागू की गई है.

● कृषकों को गन्ना मूल्य भुगतान समय से सुनिश्चित कराने हेतु वर्ष 2017 से एस्क्रो एकाउन्ट मैकेनिज्म प्रारम्भ किया गया है जिसके फलस्वरूप चीनी मिलों में गन्ना मूल्य मद की धनराशि के व्यावर्तन पर पूर्ण अंकुश लगा है.

● वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2017 से अब तक लगभग 46 लाख गन्ना किसानों को लगभग 2.73,000 करोड़ रूपये का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया.

● यह गन्ना मूल्य भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य से 59,143 करोड़ रूपये अधिक है.

● औसत गन्ना उत्पादकता 72 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 85 टन प्रति हेक्टेयर बढ़ जाने से किसानों की आय में औसतन 370 रूपये प्रति कुन्तल की दर से 43,364 रूपये प्रति हेक्टेयर की वृद्धि हुई.

● इसके लिये शोध संस्थानों के वैज्ञानिक, छात्र तथा हमारे परिश्रमी किसान भाई बधाई के पात्र है.

● प्रदेश में दलहनी एवं तिलहनी फसलों के क्षेत्राच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से निःशुल्क मिनीकिट वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है.

● उक्त दोनों योजनाओं हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● प्रदेश को प्रमाणित बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये उत्तर प्रदेश बीज स्वावलम्बन नीति, 2024 के अन्तर्गत प्रदेश में सीड पार्क विकास परियोजना संचालित है, जिसके लिये 251 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● नेशनल मिशन आन नेचुरल फॉर्मिंग योजना के अंतर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में प्राकृतिक खेती का कार्यक्रम संचालित किया जायेगा, जिसके लिए 124 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● पीएम. कुसुम योजना के अन्तर्गत कृक्षकों के प्रक्षेत्रों पर सोलर पम्पों की स्थापना करायी जा रही है, इसके लिए 509 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● कृषि क्षेत्र की क्षमता एवं कौशल विकास तथा उत्पादन वृद्धि की योजना के लिये 200 करोड़ रुपये एवं विश्व बैंक सहायतित यू.पी. एग्रीज परियोजना के लिये 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

कृषि शिक्षा एवं अनुसन्धान

● कृषि शिक्षा, शोध एवं प्रसार कार्यों में गतिशीलता बनाये रखने तथा प्रभावी परिणाम कृषकों को उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रदेश में पाँच कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित हैं.

● प्रदेश में 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना की गयी है. प्रदेश में कुल 89 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित हैं.

● जनपद कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में शोध कार्यक्रम हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● प्रदेश में स्थापित कृषि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यों हेतु लगभग 86 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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