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“जरूरी है जातीय जनगणना…”, योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी कर दी Caste Census की मांग

Caste Census: संजय निषाद ने कहा कि मछुआ समाज के साथ हुई जातीय विसंगति दूर करके ही जातीय जनगणना करवाई जाए.

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

UP Politics: बिहार में जाति जनगणना की रिपोर्ट सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में लगातार जाति जनगणना कराने की मांग तेज होती जा रही है. जहां विपक्ष लगातार योगी सरकार को इस मुद्दे पर घेर रहा है और जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग कर रहा है तो वहीं योगी के मंत्री संजय निषाद भी सुर में सुर मिला रहे हैं.

संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश में जाति जनगणना को जरूरी बताया है. लोकसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे को लगातार उछाला जा रहा है. हालांकि भाजपा इस पर कुछ भी बोलने से बचती नजर आ रही है, लेकिन अब एनडीए खेमे के दल ही सरकार को इसको लेकर घेरते नजर आ रहे हैं.

भारत एक्सप्रेस से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान निषाद दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने जाति जनगणना को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी हमेशा से ही जातीय जनगणना के पक्ष में रही है. उन्होंने आगे कहा कि मछुआ समाज के साथ हुई जातीय विसंगति दूर करके ही जातीय जनगणना करवाई जाए. उन्होंने भारत एक्सप्रेस से एक्सक्लूसिव बातचीत में अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा, ” जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो जातिगत जनगणना नहीं कराई गई थी, लेकिन अब होनी चाहिए, क्योंकि ये जरूरी है.

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संजय निषाद ने आगे कहा कि मछुआ समाज अनुसूचित जाति में अंकित है, लेकिन पूर्व की सरकारों ने आरक्षण के नाम पर मझवार की सभी उपजातियों को उलझाने का काम किया था. इसलिए जातीय जनगणना से पहले जातियों में विसंगति दूर की जाए. उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में अपने सिंबल पर लड़ेगी. भाजपा बड़े भाई की भूमिका में हमेशा से ही रही है. विधानसभा चुनाव की तर्ज पर लोकसभा चुनाव में भी भाजपा निषाद पार्टी को सम्मानजनक सीट देगी.

संजय निषाद पहले भी कर चुके हैं जातीय जनगणना की मांग

बता दें कि पहले भी कई मौकों पर मंत्री संजय निषाद जातिगत जनगणना के मुद्दे को उठा चुके हैं. हाल ही में उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि, निषाद पार्टी का गठन मछुआ समाज के संवैधानिक आरक्षण के मुद्दे को लेकर हुआ था, पार्टी आज भी अपने आरक्षण के मुद्दे पर अडिग है.

-भारत एक्सप्रेस



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