उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है. जब उनकी सरकार आई थी, तब राज्य की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये थी, जो इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 27.5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार 2029 तक उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
महाकुंभ से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग भारत को विकसित राष्ट्र नहीं मानते, वे उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि पर भी सवाल उठाते हैं, भारत आज दुनिया की एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है. हो सकता है कि कुछ लोगों को अच्छा नहीं लग रहा हो क्योंकि जिनका अपना पर्सनल एजेंडा होता है, वह देश के विकास को अच्छा नहीं मानेंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि देश की अर्थव्यवस्था आज विश्व में पांचवें स्थान पर पहुंच चुकी है और 2027 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा. मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि वर्ष 2029 में उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी भी बनेगा और देश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान देगा.
सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ से राज्य की अर्थव्यवस्था को तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि में मदद मिलेगी. उन्होंने समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर के एक सवाल के जवाब में कहा, “आज दुनिया उत्तर प्रदेश की जिस क्षमता को देख रही है, उसे महाकुंभ मेले से जोड़ा जा सकता है. अकेले महाकुंभ से ही उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि में मदद मिलेगी.”
अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 10 प्रमुख क्षेत्रों को किया चिह्नित
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 10 प्रमुख क्षेत्रों को चिह्नित किया है. इन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, नगरीय विकास, राजस्व संग्रह, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सेवा क्षेत्र शामिल हैं. प्रत्येक सेक्टर की मासिक समीक्षा की जाती है और मुख्यमंत्री स्वयं तिमाही समीक्षा करते हैं. 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारा जा चुका है. कई उद्योगों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है.
उन्होंने कहा कि इस निवेश से 60 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है. यह वही प्रदेश है, जहां सीडी रेशियो 44 प्रतिशत था. आज यह 60 प्रतिशत क्रॉस कर चुका है. यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश का पैसा आज उत्तर प्रदेश में लग रहा है.
यह रिजर्व बैंक की ही रिपोर्ट है कि पिछली पंचवर्षीय योजना के अंदर यूपी देश का वो पहला राज्य है, जिसने बैंकों से सबसे अधिक लेन-देन किया है. जनधन अकाउंट इसके उदाहरण हैं. जिनका कभी बैंक में अकाउंट नहीं था, आज उनके अकाउंट में लाखों रुपये जमा हैं. जो इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की क्रय करने और जमा करने की सामर्थ्य भी बड़ी है, यह प्रधानमंत्री मोदी के विजन के कारण संभव हो पाया है.
-भारत एक्सप्रेस
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