Venezuela Crisis: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए 126 साल के सबसे विनाशकारी महा-भूकंप के बाद जहां एक तरफ जमीन के नीचे से लेकर आसमान तक त्राहिमाम मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस वैश्विक महा-संकट ने पूरी दुनिया की भू-राजनीति को अचानक बदल कर रख दिया है.
39 सेकंड के भीतर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बैक-टू-बैक झटकों से पूरी राजधानी कराकास मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी है. इस भीषण मानवीय त्रासदी के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला के प्रति एकजुटता दिखाते हुए हरसंभव सहायता का एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान कर दिया है.
Deeply saddened by the devastation caused by the severe earthquakes in Venezuela.
On behalf of the people of India, I extend our heartfelt condolences to the Government and people of Venezuela, especially to the families who have lost their loved ones. We pray for the speedy…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2026
पीएम मोदी का भावुक संदेश(Venezuela Earthquake PM Modi Support)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में मची इस भारी तबाही और बड़े पैमाने पर हो रही मौतों की आशंका पर गहरा दुख व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने कहा कि इस त्रासदी से हुई जनहानि से वह बेहद व्यथित हैं. उन्होंने भारत की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के आम नागरिकों, विशेषकर अपने परिजनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.
पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है. इस अत्यंत कठिन और मुश्किल समय में भारत पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और जमीनी स्तर पर हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है.”
ट्रंप ने भी वेनेजुएला को बताया ‘नया दोस्त’
इस महा-भूकंप के बीच सबसे चौंकाने वाला मोड़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से आया है. कल तक जिस वेनेजुएला पर अमेरिका ने कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे थे, तबाही का मंजर देखते ही ट्रंप ने तुरंत अमेरिकी मदद का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक दांव खेलते हुए वेनेजुएला को अमेरिका का ‘नया दोस्त’ घोषित कर दिया है.
असल में, इस महा-भूकंप का केंद्र मोंटालबान से 28 किमी दूर था, जहां वेनेजुएला की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियां मौजूद हैं. दुनिया के सबसे बड़े क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) भंडार पर आए इस संकट को देखते हुए ही भारत और अमेरिका जैसे वैश्विक महाशक्तियां तुरंत एक्शन में आ गई हैं.
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झुकी इमारतें और धूल का गुबार
सोशल मीडिया पर कराकास से सामने आ रहे लाइव वीडियो रोंगटे खड़े करने वाले हैं. शहर की गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं और जो बची हैं, वो इस कदर झुक चुकी हैं कि उनका गिरना अब पूरी तरह तय है.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, शुरुआत में प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए जारी किए गए सुनामी के हाई-अलर्ट को अब वापस ले लिया गया है, जो वैश्विक बाजारों के लिए राहत की बात है. लेकिन मलबे के नीचे दबी हजारों जिंदगियों को बचाने के लिए अब भारत और अमेरिका की टीमें मिलकर वेनेजुएला में एक महा-रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने जा रही हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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