West Bengal Election: देश के 5 राज्यों- असम, तमिलनाडु, पुडूचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में मतों की गणना जोरों-शोरों से चल रही है. इसी बीच भोजपुरी सिंगर और सासंद मनोज तिवारी ने बंगाल विधानसभा को चुनाव के रुझानों पर एक बेहद ही सटीक और भावुक आकलन शेयर किया है. उन्होंने इसे न केवल एक राजनीतिक बदलाव बताया बल्कि भ्रष्ट और क्रूर सत्ता के खिलाफ ‘सर्व समाज’ का विद्रोह करार दिया है.
महिलाओं की ‘आह’ और सत्ता का पतन
मनोज तिवारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राज्य की लगभग 36 विधानसभा सीटों का सघन दौरा किया. इस दौरान उन्होंने लोगों से बात की, उनके साथ खाना खाया और उनके सुख-दुख को महसूस किया. मनोज तिवारी के अनुसार, ‘ये परिणाम उन लाखों महिलाओं की ‘आह’ का नतीजा है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बंगाल की धरती पर अन्याय और अत्याचार सहा है.’ उनका मानना है कि जब सत्ता भ्रष्ट और क्रूर हो जाती है, तो समाज का हर वर्ग उसे उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट हो जाता है.
मोदी का विश्वास और सर्व समाज का साथ
बंगाल के इस चुनावी समर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता का अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है. मनोज तिवारी का कहना है कि बंगाल के कोने-कोने में ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ का मंत्र गूंज रहा है. लोग अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं और मोदी की नीतियों में उन्हें सुनहरे भविष्य की किरण दिखाई दे रही है. यहीं कारण है कि इस बार सर्व समाज चाहे वह किसान हो, युवा हो या गृहणी एकजुट होकर बदलाव के लिए खड़ा हो गया.
चुनाव आयोग का आभार
मनोज तिवारी ने चुनाव आयोग की भूमिका की भी सराहना की है. उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल की जनता को सही मायने में ‘वोट डालने की आजादी’ मिली है. डर और हिंसा के माहौल के बीच निष्पक्ष चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे आयोग ने बखूबी निभाया.
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-भारत एक्सप्रेस
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