सुशील कुमार को मिली जमानत
जूनियर सागर घनकर हत्या मामले में कथित आरोपी आरोपी पहलवान सुशील कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने सुशील कुमार को कुछ शर्तों के साथ 50 हजार रुपये की निजी मुचलके और दो सियोरिटी पर जमानत दे दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने सुशील कुमार की नियमित जमानत का विरोध किया. कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि जमानत पर रहने के दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ नही करेंगे. गवाहों से संपर्क नही करेंगे. कोर्ट के अनुमति के बगैर देश छोड़कर नही जाएंगे.
सुशील कुमार ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
निचली अदालत ने जुलाई 2024 में सुशील कुमार की ओर से जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके बाद सुशील कुमार ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मामले की सुनवाई के दौरान सुशील कुमार की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह साढ़े तीन साल से जेल में बंद है और निकट भविष्य में मुकदमे के खत्म होने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने 222 गवाहों में से अब तक केवल 31 गवाहों से ही पूछताछ की है. इसमें आगे कहा गया है मामले का मुख्य गवाह उसे पहचानने में विफल रहा.
दिल्ली पुलिस ने 5 पेज का स्टेट्स किया था दाखिल
इस मामले में पहले ही आरोप तय हो चुका है. इससे पहले जमानत पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने 5 पेज का स्टेट्स दाखिल कर कहा था कि मृतक सागर धनखड़ की बड़ी बेरहमी से हत्या की गई. अन्य घायलों को भी गंभीर चोटें पहुचाई गई. पीड़ितों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से अगवा कर छत्रसाल स्टेडियम में कथित अपराध के मकसद से लाने का आरोप लगाया. गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए जमानत याचिका खारिज करने की मांग की थी.
2021 में हुई थी गिरफ्तारी
सुशील कुमार मई 2021 में 23 वर्षीय जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की मौत के केस में मुख्य आरोपी है. सुशील पहलवान पर हत्या सहित गैर कानूनी सभा और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया था. मई 2021 में छत्रसाल स्टेडियम में झगड़े के दौरान 23 वर्षीय सागर धनखड़ की मौत हो गई थी. आरोप है कि सुशील कुमार जूनियर पहलवानों के बीच अपना दबदबा बनाए रखना चाहते थे और इसी के चलते उन्होंने हंगामे की योजना बनाई थी. इस झगड़े में सागर के दोस्त सोनू और तीन अन्य लोग भी घायल हुए थे.
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