Yamuna Water Project Rajasthan
Yamuna Water Project Rajasthan: राजस्थान की बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को सोमवार को ऐतिहासिक सफलता मिली. नई दिल्ली में राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे. दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा सहकारी संघवाद की भावना के कारण वर्षों से लंबित परियोजनाओं को गति मिल रही है. उन्होंने यमुना जल परियोजना को इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया.
अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा-
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सतत मार्गदर्शन और समन्वयकारी प्रयासों से दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित इस जटिल मुद्दे का समाधान संभव हो सका. साथ ही उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की तकनीकी और प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि मंत्रालय के सक्रिय सहयोग से परियोजना की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया.
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने यह साबित किया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, केंद्र-राज्य समन्वय और त्वरित निर्णयों के माध्यम से दशकों से लंबित विकास परियोजनाओं को भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है. उन्होंने राम जल सेतु लिंक परियोजना, जल जीवन मिशन और यमुना जल परियोजना को इसके प्रमुख उदाहरण बताया.
295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन से पहुंचेगा यमुना का पानी
यमुना जल परियोजना के तहत राजस्थान के हिस्से का 577 एमसीएम पानी हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक पहुंचाया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये आंकी गई है.
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परियोजना के अंतर्गत 3.6 मीटर व्यास की तीन भूमिगत पाइपलाइनें, निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय और आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी. साथ ही हरियाणा के दस स्थानों पर भी पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यह परियोजना दोनों राज्यों के लिए समान रूप से लाभकारी साबित होगी.
राजस्थान सरकार परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर केंद्रीय जल आयोग के e-PAMS पोर्टल पर अपलोड कर चुकी है. वहीं, हरियाणा सरकार ने पाइपलाइन अलाइनमेंट को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है. परियोजना के निर्माण और संचालन के लिए “राजस्थान-हरियाणा यमुना वाटर परियोजना” नाम से एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का गठन किया जाएगा.
भारत एक्सप्रेस
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