जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद राशिद इंजीनियर की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट 20 अप्रैल को सुनवाई करेगा. राशिद इंजीनियर ने बीमार पिता से मिलने के लिए एक महीने का समय मांगा है.
एनआईए का इंजीनियर की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका का विरोध किया है. एनआईए ने कोर्ट को सुझाव दिया है कि अंतरिम जमानत के बजाय कस्टडी पैरोल दिया जा सकता है. पटियाला हाउस कोर्ट ने वकीलों को निर्देश लेने के लिए कहा है. इंजीनियर राशिद फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है. इससे पहले राशिद इंजीनियर को संसद सत्र में भाग लेने की दिल्ली हाई कोर्ट से अनुमति दे दिया था. राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था.
यूएपीए के तहत कानूनी कार्रवाई
राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है. वह 2017 के आतंकवादी वित्तपोषण (आतंकी फंडिंग) मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में बंद है. पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासीन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.
एनआईए में मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ, जैश-ए- मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया. 1993 में अलगाववादी गतिविधियों अंजाम देने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई.
ये भी पढ़ें- सोनिया गांधी नागरिकता विवाद: वोटर लिस्ट मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जवाब के लिए दिया एक हफ्ते का समय
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

