सुप्रीम कोर्ट में चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों के वोटिंग अधिकार को लेकर मामला उठाया गया. कोर्ट ने ट्रिब्यूनल को जांच के निर्देश दिए और कहा कि जिनकी अपील समय पर मंजूर होगी, वे ही मतदान कर सकेंगे. चुनाव आयोग को सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
अधिकारियों का नाम एसआईआर सूची में नहीं
पश्चिम बंगाल में विधानसभा का चुनाव हो रहा है. इसी बीच चुनाव डियूटी में तैनात अधिकारियों को वोट देने को लेकर सीजेआई के समक्ष मेंशन किया गया. वरिष्ठ वकील शमशाद ने मेंशन कर कहा कि चुनाव डियूटी में तैनात अधिकारियों का नाम पश्चिम बंगाल की एसआईआर सूची में नहीं है.
चुनाव कराने वाले लोग वोट नहीं दे सकते
65 याचिकाकर्ता चुनाव डियूटी में तैनात है. उनके डियूटी आदेशों में ईपीआईसी नंबर लिखे हुए है. अब वो नंबर हटा दिया गया है. उन्होंने कहा कि अब चुनाव कराने वाले लोग वोट नहीं दे सकते. यह स्पष्ट रूप से मनमाना है. कई लोगों ने कारण नहीं बताए है.
अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर बड़ा आदेश
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को ट्रिब्यूनल जाने का निर्देश दिया है. साथ कोर्ट कोर्ट ने ट्रिब्यूनल से मामले की जांच करने को कहा है. जस्टिस बागची ने कहा कि ट्रिब्यूनल द्वारा उचित आदेश पारित किए जाएंगे. इस चुनाव में हां, शायद वे वोट न दे पाएं. मतदाता सूची में बने रहने का अधिक महत्वपूर्ण अधिकार सुरक्षित रखा जाएगा.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए बड़ा आदेश दिया था.
27 अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा
सुप्रीम कोर्ट ने अपने लिखित आदेश में स्पष्ट किया था कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए, जिन व्यक्तियों की अपील पर 19 स्पेशल अपीलेट ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक फैसला दे देंगे. वही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसी तरह जिनकी अपील पर अपीलेट ट्रिब्यूनल द्वारा 27 अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा.
वे 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ऐसे लोगों के लिए सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया था. अपीलेट ट्रिब्यूनल 23 अप्रैल तक जिन लोगों के अपील पर फैसला कर ले, उनके नाम की एक सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करें.
दूसरे चरण में मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे
इस लिस्ट में जिन लोगों का नाम होगा वही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसी तरह 27 अप्रैल तक फैसला होने वालों के नाम भी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी किया जाए. इस लिस्ट में जिन लोगों के नाम को शामिल किया जाएगा, वही 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के होने वाले मतदान के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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