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लापरवाही या गुनाह? हर्ष फायरिंग मामले में घिरे बीजेपी विधायक राजू सिंह की सजा पर 3 जुलाई को टली सुनवाई

Celebratory Firing Case: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने साल 2018 में नए साल की पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में डॉक्टर की मौत के मामले में बिहार से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दोषी ठहराया है. उनकी सजा पर बहस 3 जुलाई को जारी रहेगी, जहां उनके वकील रिहा करने की मांग की है.

Rouse Avenue Court
Edited by Shubhra Rai

 Celebratory Firing Case: राऊज एवेन्यु कोर्ट से दोषी करार दिए गए बिहार के साहिबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर 3 जुलाई को बहस जारी रहेगी. इस बीच विशेष न्यायाधीश डॉक्टर विशाल गोगने की कोर्ट ने प्रोविजनल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है.

किसी मामले में दोषी करार नहीं

सजा पर बहस के दौरान राजू सिंह की ओर से पेश वकील ने कहा कि राजू सिंह 6 बार से विधायक है. डायबिटीज और किडनी की बीमारी से ग्रसित है. उनके तीन बच्चे है. बच्चों की उम्र शादी लायक है. अगर सजा दी गई तो उनके जीवन पर भी असर पड़ेगा. राजू सिंह कभी किसी मामले में दोषी करार नहीं दिए गए.

हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी

उनका आचरण हमेशा से अच्छा रहा है. राजू सिंग के वकील ने कोर्ट से गुजारिश की है कि उनको प्रोबेशन पर रिहा किया जाए. कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है. कोर्ट ने उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर इन तीनों को दोषमुक्त करते हुए राहत प्रदान किया हूं.

फायरिंग में महिला डॉक्टर की मौत

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि नए साल पार्टी में भीड़ भरे माहौल में आरोपी राजू सिंह द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाना दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि ऐसा करने से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है. इस कृत्य को कोर्ट ने लापरवाही भरा माना है. यह मामला 31 दिसंबर 2018 को आयोजित एक पार्टी में हुई हर्ष फायरिंग में डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत से संबंधित है.

26 फरवरी 2025 में बिहार सरकार में मंत्री

उस दौरान विधायक दिल्ली के वसंत कुंज स्थित अपने फॉर्महाउस में नए साल का जश्न मना रहे थे. दिल्ली पुलिस ने उस समय राजू सिंह और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया था. 2023 में कोर्ट ने राजू सिंह, उनकी पत्नी रेनू सिंह और अन्य दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे. 9.15 करोड़ रुपए खुद का सालाना आय बताने वाले भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह 26 फरवरी 2025 में बिहार सरकार में मंत्री भी बने थे.

अलग-अलग पार्टियों से विधायक

परिवार दवाओं के कारोबार से जुड़ा हुआ है. इनके पिता आनंदपुरा खरौनी पंचायत के कई बार मुखिया रह चुके हैं, जबकि खुद राजू सिंह चार बार अलग-अलग पार्टियों से विधायक चुने जा चुके हैं. उनकी पत्नी रेणु सिंह भी पूर्वी चंपारण से एमएलसी रही हैं. राजू सिंह 2005 में अविभाजित लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट पर चुनाव जीते थे.

इसके बाद वह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर जीते और 2015 में जेडीयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद वह वीआईपी में भी शामिल हुए और फिर बीजेपी में लौट आए. राजू कुमार सिंह नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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