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ब्लड डोनर्स को लेकर जारी गाइड लाइन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार का हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट में ब्लड डोनर्स पर जारी गाइडलाइन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हो रही है. केंद्र सरकार ने ब्लड डोनर्स पर जारी 2017 की गाइडलाइन को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया.

Supreme Court
Edited by Radha Priya

Blood Donation Guidelines: ब्लड डोनर्स को लेकर जारी गाइड लाइन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया है.

केंद्र सरकार ने दायर हलफनामे में कहा है कि आधुनिक परीक्षण तकनीकों की उपलब्धता के बावजूद कोई भी मेडिकल टेस्ट सभी संक्रमण को पता लगाने की 100 फीसदी गारंटी नही देता है. इसलिए रक्तदाता चयन और रक्तदाता रेफरल

2017 के दिशानिर्देश, जो उच्च जोखिम वाले वर्गों के व्यक्तियों को रक्तदान करने से रोकने का प्रावधान करते हैं, सही और जरूरी हैं.

जबकि इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया था कि ट्रांसजेंडर, समलैंगिक और सेक्स वर्कर को ब्लड डोनेशन से दूर रहना चाहिए. हलफनामे में केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि विश्व स्तर पर स्वीकृत वैज्ञानिक अनुसंधान, स्थापित जन स्वास्थ्य सिद्धांतों और सुदृढ महामारी विज्ञान संबंधी साक्ष्यों पर आधारित है.

हलफनामे में यह भी कहा गया है कि इन मानकों में किसी भी प्रकार की ढील राष्ट्रीय रक्त आपूर्ति की सुरक्षा और अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगी.

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केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया अतिरिक्त हलफनामा

केंद्र सरकार ने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों ने उन श्रेणियों के व्यक्तियों से रक्तदान पर प्रतिबंधों को संशोधित या हटा लिया है, जिन पर पहले प्रतिबंध था.

फिर भी भारत के क्षेत्रीय पड़ोसी देशों जैसे श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया, फिलीपींस, मलेशिया, सिंगापुर और चीन सहित कई राष्ट्र अपने-अपने स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य विचारों और मौजूदा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जोखिम आकलन के अनुसार इस तरह के प्रतिबंध को जारी रखे हुए है.

इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा दायर हलफनामे में कहा था कि ट्रांसजेंडर, समलैंगिको और सेक्स वर्कर्स को साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर ब्लड डोनेशन से बाहर रखा गया है.

यह याचिका थंगजाम संता सिंह की ओर से दायर की गई है. जिसपर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूशन काउंसिल ने अक्टूबर 2017 को रक्तदान चयन और रक्तदाता रेफरल 2017 पर गाइडलाइंस जारी किया था. जिसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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