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‘सिर्फ मुआवजा काफी नहीं, जिम्मेदारी भी तय हो’, कस्टडी में हुई मौत पर छत्तीसगढ़ सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

छत्तीसगढ़ में 34 वर्षीय युवक की कस्टोडियल डेथ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 3 महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने परिजनों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया.

Chhattisgarh Custodial Death Case Supreme Court Orders CBI Probe In 3 Months
Edited by Vaibhav Gupta

Chhattisgarh Custodial Death Case: छत्तीसगढ़ में 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी की हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पूरे मामले की जांच तीन महीने के भीतर पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. अदालत ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि हिरासत में मौत जैसी संगीन घटनाओं में केवल मुआवजा देना ही काफी नहीं है, बल्कि दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होना भी बेहद जरूरी है.

सिर की चोट से मौत का खुलासा

यह पूरा मामला सीपत पुलिस स्टेशन से जुड़ा है, जहां 18 जनवरी 2024 को आबकारी कानून के तहत 6 लीटर महुआ शराब रखने के आरोप में श्रवण सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेजा गया, जहां 22 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

न्यायिक जांच रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ कि मृतक की मौत हिरासत के दौरान सिर में लगी गंभीर चोट के कारण हुई थी. कोर्ट ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि न्यायिक रिपोर्ट सामने आने के बावजूद राज्य पुलिस ने दो साल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया. 2024 में हुई मौत के मामले में पुलिस ने दो साल की लंबी देरी के बाद 30 जुलाई 2026 को जाकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी.

25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा और CBI को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि वह मृतक के परिजनों को अंतरिम मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये का भुगतान करे. इससे पहले बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा मंजूर किए गए महज 1 लाख रुपये के मुआवजे को सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह अपर्याप्त करार दिया था. अंतिम मुआवजे की राशि याचिका पर अंतिम सुनवाई के बाद तय की जाएगी.

अदालत ने सीबीआई को इस मामले में नियमित आपराधिक मामला दर्ज कर किसी वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में निष्पक्ष जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर केस से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआई निदेशक को सौंपें.

यह भी पढ़ें: ‘वह जेल से भाग चुका है…’, बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा के ट्रांसफर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र को निर्देश

-भारत एक्सप्रेस



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