Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

Liquor Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया का कोर्ट कार्यवाही से ‘बॉयकॉट’, अब एमिकस क्यूरी करेंगे मदद

दिल्ली हाई कोर्ट में शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक द्वारा कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद तीन वरिष्ठ वकीलों को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया जाएगा.

delhi-high-court-quashes-order-on-arvind-kejriwal-rent-promise-for-poor-tenants

Liquor Policy Case: दिल्ली हाई कोर्ट से दिल्ली शराब नीति से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि वह तीन सीनियर वकीलों को एमिकस क्यूरी नियुक्त करेगी. क्योंकि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने कार्यवाही का बॉयकॉट करने का फैसला किया है.

कोर्ट 8 मई को मामले में अगली सुनवाई करेगा. जबकि मामले में शामिल सर्वेश मिश्रा की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उसने ट्रायल कोर्ट के आदेश के एक हिस्से पर लगी रोक के खिलाफ अर्जी दायर की है. मामले में निचली अदालत ने केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है.पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड न मिलने के कारण अदालत ने सुनवाई को टाल दिया है.बता दें कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिख कर सुनवाई में पेश नही होने की बात कही है.

केजरीवाल और सिसोदिया ने जज को लिखा पत्र

पिछले दिनों हाई कोर्ट ने केजरीवाल सहित अन्य की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. हालांकि केजरीवाल और सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि सुनवाई के दौरान उनके तरफ से कोई वकील पेश नही होगा. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उनको इस कोर्ट ने इंसाफ नही मिलेगा. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा है. जिस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया है. जिसपर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही है.

पिछले दिनों कोर्ट ने केजरीवाल के उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें याचिका में कहा गया था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नही होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता जी के हाथों में है. ऐसी स्थिति में मुझे आपसे न्याय की कोई उम्मीद नही है. मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह अपनाने की बात

इससे पहले केजरीवाल ने पत्र लिखा था कि मेरी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, इसलिए मैंने गांधी की तरह सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है. अब वह खुद या वकील के जरिए जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने पेश नहीं होंगे.

उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही थी.

ये भी पढ़ें- बीमार पिता से मिलने के लिए राशिद इंजीनियर की जमानत शर्तों में बदलाव, अब दिल्ली AIIMS में होगी मुलाकात

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital