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बीमार पिता से मिलने के लिए राशिद इंजीनियर की जमानत शर्तों में बदलाव, अब दिल्ली AIIMS में होगी मुलाकात

दिल्ली हाई कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को बड़ी राहत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत की शर्तों में संशोधन किया है.

Rashid Engineer

दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद राशिद इंजीनियर ने जमानत की शर्तों में संशोधन कर दिया है. कोर्ट ने उन्हें अपने बीमार पिता से दिल्ली एम्स में रोज सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक, 10 मई तक मिलने की इजाजत दे दिया है. कोर्ट ने इससे पहले राशिद इंजीनियर को श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती अपने पिता से मिलने के लिए अंतरिम जमानत दी थी. लेकिन पिता की हालत गंभीर होने पर परिवार ने उन्हें दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कर दिया. इसके बाद राशिद इंजीनियर ने अदालत से जमानत की शर्तों में बदलाव की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दिया है.

पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दिया था. राशिद इंजीनियर को कोर्ट ने बीमार पिता को देखने के लिए यह अंतरिम जमानत दी थी. कोर्ट ने कहा था अंतरिम जमानत के दौरान सबूतों के साथ छोड़छाड़ नही करेंगे और ना ही किसी गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेगा. कोर्ट ने कहा था राशिद जहां पिता रह रहे हो, चाहे वह अस्पताल हो या घर, वहां रहने की अनुमति दे दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा था कि कम से कम दो सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे.

राशिद इंजीनियर ने बीमार पिता से मिलने के लिए मांगी थी राहत

पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. राशिद इंजीनियर ने अपने बीमार पिता को देखने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान राशिद इंजीनियर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती है और वेंटिलेटर पर है, ऐसे में मानवीय आधार पर उन्हें तत्काल जमानत दी जाए. उन्होंने यह भी कहा था कि राशिद इंजीनियर की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और चुनाव के दौरान आमतौर पर अंतरिम जमानत दी जाती है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अंतरिम जमानत का किया विरोध

वहीं एनआईए ने अंतरिम जमानत का विरोध किया था.  एजेंसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि जमानत के बजाए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है. जिससे  राशिद इंजीनियर अपने पिता और परिवार के सदस्यों से मिल सकेंगे. इससे पहले कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को हिरासत में संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक संसद के पूरे सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी.

नवंबर 2025 में भी कोर्ट ने राशिद को संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी.

ये भी पढ़ें- भगोड़े आर्म्स डीलर संजय भंडारी पर कोर्ट का शिकंजा, संपत्तियां जब्त करने का आदेश; 18 जुलाई को अगली सुनवाई

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-भारत एक्सप्रेस



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