Bharat Express DD Free Dish

दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया नगर में ध्वस्तीकरण पर लगाई रोक, अगली सुनवाई अगस्त में

दिल्ली हाई कोर्ट ने जामिया नगर के मुरादी रोड पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा जारी ध्वस्तीकरण नोटिस पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने अगली सुनवाई अगस्त में तय की है, जबकि डीडीए और सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला चल रहा है.

Delhi-High-Court

दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के जामिया नगर में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के ध्वस्तीकरण के नोटिस पर रोक लगा दिया है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को अगली तारीख तक कार्रवाई करने से मना किया. कोर्ट अगस्त में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

दिल्ली हाई कोर्ट में 115 निवासियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सिंचाई विभाग को मुरादी रोड़, खिजर बाबा कॉलोनी, जामिया नगर, ओखला में खसरा संख्या 277 में स्थित उनकी संबंधित संपत्तियों को ध्वस्त करने से रोकने का निर्देश देने की मांग की थी.

5 जून तक खाली करने का अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा बटला हाउस इलाके में कई दुकानों और मकानों पर अवैध निर्माण को लेकर नोटिस चस्पा किया था और 5 जून तक खाली करने को कहा था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है.

याचिका में कहा गया है कि बटला हाउस के मुरादी रोड़ पर करीब 50 से 60 साल पुरानी बस्ती है. जिसपर कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा किया गया है. दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इन इलाकों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर चुकी है.

डीडीए ने बटला हाउस के मुरादी रोड़ पर अपना दावा ठोका था, और मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा 8 मई को दिए गए निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें डीडीए को ओखला गांव में कानून के अनुसार अनधिकृत ढांचों को ध्वस्त करने के लिए कहा गया था. डीडीए का दावा है कि खसरा नंबर 279 का जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण का है और इस पर अवैध तरीके से घर बने हैं.

11 जून तक मकान खाली करने का निर्देश

डीडीए द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में कहा गया है कि सभी मकान 11 जून 2025 तक खाली कर दे, नही तो उसके बाद बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी. जबकि वहां के निवासियों का कहना है कि वह पिछले 50 सालों से वहां रह रहे है और अचानक डीडीए ने अपना दावा थोक दिया है.

इससे पहले दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तैमूर नगर क्षेत्र में भी अवैध निर्माणों को लेकर बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी. यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के 28 अप्रैल के आदेश के बाद की गई थी, जिसमें डीडीए को निर्देश दिया गया था कि तैमूर नगर नाले के जीर्णोद्धार कार्य में बाधा बन रही झुग्गियों को हटाया जाए.

ये भी पढ़ें: हर आतंकी हमले का जवाब कठोरता और तत्परता से देना पीएम मोदी की नीति: अमित शाह

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read