दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. कोर्ट 19 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
टिप्पणी मनमानी भरी और अनुचित
ईडी की ओर से दायर याचिका में केजरीवाल और अन्य को आरोपमुक्त करते समय निचली अदालत द्वारा की कुछ टिप्पणियों को हटाने की मांग की है. ईडी ने कहा कि कोर्ट की यह टिप्पणी मनमानी भरी और अनुचित है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जज की टिपणियां संभवतः मामले से सीधे जुड़ी नहीं हो सकती और वे सामान्य प्रकृति की भी हो सकती हैं.
स्वतंत्रता का हवाला
कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के जज ने जो कहा है, वह जरूरी नहीं कि इसी मामले के संदर्भ में हो. कई बार जज इस तरह की सामान्य टिपणियां करते है. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि सीबीआई केस में ईडी के खिलाफ कुछ बातें कही गई हैं. ईडी ने कहा कि भविष्य की कार्यवाही में इनका इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा सकता है.
कोर्ट ने अपनी स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा कि आप नहीं बताएंगे कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नही करना चाहिए. जबकि केजरीवाल सहित अन्य की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि निचली अदालत की टिप्पणी किसी के खिलाफ नहीं है.
केजरीवाल सहित सभी 23 लोगों को नोटिस
कोर्ट ने आगे कहा कि यह ऑर्डर वैसे भी चैनल नंबर के तहत हैं? देखते हैं इसमें कौन सा पैराग्राफ हैं. एएसजी राजू ने 27 फरवरी 2026 के निचली अदालत ने ऑर्डर के कुछ पैराग्राफ की ओर इशारा किया, जिसमें केस के सभी आरोपियों को बरी किया गया है. इससे पहले सीबीआई की अर्जी पर कोर्ट ने केजरीवाल सहित सभी 23 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा चुका है.
साथ ही कोर्ट ने सीबीआई और उसके जांच अधिकारी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर रोक लगा दिया है.
ये भी पढ़ें: पांच साल की बच्ची से रेप और हत्या मामले में फांसी की सजा काट रहे दोषी को सुप्रीम कोर्ट से राहत
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





