Bharat Express DD Free Dish

दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में आरोपी नासिर बिलाल मल्ला 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला कार धमाके के आरोपी डॉक्टर मल्ला की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है. एनआईए की जांच में सामने आया है कि किस तरह आरोपियों ने नूंह में पनाह ली, आई20 कार खरीदी और धमाके के लिए ड्रोन व रॉकेट तकनीक का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी.

Red Fort Car Blast Case
Edited by Radha Priya

Red Fort Car Blast Case: दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी नासिर बिलाल मल्ला की NIA रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अंजू बजाज चंदना ने मल्ला की न्यायिक हिरासत 16 जनवरी 2026 तक के लिए बढ़ा दी है.

डॉक्टर मल्ला की भूमिका

एनआईए ने अदालत को बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से सघन पूछताछ की गई और उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया. जांच एजेंसी के मुताबिक, डॉक्टर नासिर बिलाल मल्ला ने मुख्य हमलावर उमर उल नबी को पनाह देने, उसकी मदद करने और सबूतों को मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मल्ला के हस्तलेखन के नमूने और वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी थी, जिन्हें रिकॉर्ड कर लिया गया है. ये वैज्ञानिक साक्ष्य आतंकी नेटवर्क के साथ उसके संबंधों की पुष्टि करने में अहम साबित होंगे.

लॉजिस्टिक सहायता का खुलासा

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि धमाके से पहले आतंकी उमर उल नबी 10 दिनों तक हरियाणा के नूंह में छिपा था. आरोपी शोएब ने उमर को लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराई और अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया था. शोएब ने ही मकान मालिक के सामने उमर की पूरी गारंटी ली थी.

इसके अलावा, आमिर राशिद नामक आरोपी दिल्ली आकर उस i20 कार को खरीदने में शामिल था, जिसका इस्तेमाल धमाके में किया गया. इस साजिश में तकनीकी पक्ष संभाल रहे दानिश ने ड्रोन में बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की भी कोशिश की थी.

ये भी पढ़ें- दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अरावली रोड़ चौड़ीकरण के लिए पेड़ो की कटाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का किया रुख

आतंकी नेटवर्क की जड़ें

एनआईए अब तक इस भीषण धमाके के मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच के दौरान 73 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें घायल लोग, प्रत्यक्षदर्शी और तकनीकी साक्ष्य जुटाने वाले अधिकारी शामिल हैं.

लाल किला के पास हुए इस कार ब्लास्ट में 15 लोगों की जान जा चुकी है और 32 लोग घायल हुए थे. एनआईए का कहना है कि उनकी प्राथमिकता पूरे आतंकी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना है ताकि भविष्य में राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की आतंकी साजिशों को रोका जा सके.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read