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दिल्ली दंगे में अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है.

Tahir Hussain

ताहिर हुसैन

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगे के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पाषर्द ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. से जवाब मांगा है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पुलिस से स्थिति रिपोर्ट सौंपने को  कहा है. कोर्ट जुलाई में अगली सुनवाई करेगा.

पूर्व पाषर्द के वकील तारा नरूला के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि वह पांच साल से अधिक का समय जेल में है. मुकदमे में तेजी लाने के लिए निचली अदालत के अथक प्रयासों के बावजूद सुनवाई पूरा होने में समय लग सकता है. निचली अदालत ने 12 मार्च को बिना आधार के उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी जबकि इस घटना में उसके संलिप्त होने की कोई सबूत नहीं है.

गवाहों के बयान पर उठे सवाल

इस मामले में उसके खिलाफ उकसाने का आरोप है. इस मामले के तीन गवाहों में से तीन ने उसके बारे में घटना स्थल पर मौजूद होने की बात नहीं कही है, जबकि दो ने दोषमुक्त कर दिया है. इस तरह से कहा जा सकता है कि गवाहोंने बयानों में विरोधभास है. बयानों का विसनीय नहीं माना जा सकता है. आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया जाए.

पुलिस के अनुसार 26 फरवरी, 2020 को शिकायतकर्ता रविंदर कुमार ने दयालपुर थाने के अधिकारियों को सूचित किया कि उनका बेटा अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 से लापता है. बाद में कुछ लोगों से पता चला कि एक व्यक्ति की हत्या करने के बाद उसे चांद बाग पुलिया स्थित मस्जिद से खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था. पुलिस ने कहा कि शर्मा का शव खजूरी खास नाले से बरामद किया गया था. उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान थे. हुसैन इस मामले में आरोपियों में से एक है.

दिल्ली दंगे में 53 लोगों की गई थी जान

अभियोजन पक्ष ने कहा है कि चार आरोपी व्यक्ति भी हिंसक भीड़ का हिस्सा थे, जो दंगा और आगजनी की घटनाओं में शामिल था. उसमें शर्मा की मौत हो गई थी. नागरिकता कानून समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के नियंतण्रसे बाहर होने के बाद 24 फरवरी, 2020 को पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुई थी. उसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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