मध्य प्रदेश पुलिस की हिरासत में 26 साल के देवा पारधी की मौत के आरोपी दोनों पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को आड़ें हाथ लेते हुए पूछा कि गिरफ्तार करने में इतनी देरी क्यों हुई.
सीबीआई व राज्य सरकार से मांगा गया जवाब
कोर्ट ने सीबीआई और राज्य सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट 6 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ मृतक की मां की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि इतने दिन आप क्या कर रहे थे? कोर्ट ने पूछा हमें अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की नौबत आने के बाद ही क्यों गिरफ्तार किया गया. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि दोनों फरार पुलिस अधिकारियों को 27 सितंबर और 5 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
आदेश के उल्लंघन का आरोप
दायर अवमानना याचिका में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को एक महीने के भीतर गिरफ्तार करने के 15 मई 2025 के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि ऐसा नहीं चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आप कार्रवाई नहीं कर पा रहे है, फिर क्या फायदा? आप लाचारी का बहाना बना रहे हैं, वो फरार है. आप उन्हें ढूढ़ नही पा रहे हैं कृपया लाचारी का बहाना न बनाएं.
कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर गंगाराम पारधी के साथ कोई अनहोनी होती है और हिरासत में दूसरी बार कोई घटना होती है, तो हम आपको नहीं छोड़ेंगे. कृपया उनकी न्यायिक हिरासत की निगरानी कर रहे जेल अधिकारियों को सूचित करें हिरासत में दूसरी मौत नहीं हो सकती, अन्यथा हम इसे गंभीरता से लेंगे.
ये भी पढ़ें: नागा विद्रोही संगठन एनएससीएन-आईएम और टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अलेमला जमीर को सुप्रीम कोर्ट से नही मिला राहत
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
