झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए बम हमले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की टीमें दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में स्थित कुल चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं. यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज किए गए मामले के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के एंगल की जांच के लिए की जा रही है.
RSS कार्यालय पर हुआ था पेट्रोल बम से हमला
उल्लेखनीय है कि गत 17 जून 2026 को रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था. घटना के समय दो संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल या पैदल कार्यालय के पास पहुंचे थे और पेट्रोल बम फेंककर वहां से फरार हो गए थे.
सीसीटीवी फुटेज में कैद
यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर कैद हो गई थी. फुटेज में दोनों संदिग्ध युवकों की गतिविधियां स्पष्ट दिखाई दे रही थीं, जिनके हाथों में एक-एक थैला था. फुटेज के अनुसार, एक युवक ने अपने मुंह पर गमछा बांध रखा था, जबकि दूसरे शख्स का चेहरा स्पष्ट रूप से नजर आ रहा था.
फुटेज में देखा गया कि एक शख्स पेट्रोल बम फेंक रहा था, जबकि दूसरा शख्स अपने मोबाइल कैमरे से इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था. इस मामले की शुरुआती जांच रांची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शुरू की थी, जिसके बाद मामला एनआईए के पास पहुंचा था.
एनआईए की पहले पटना में हुई थी छापेमारी
इससे पहले एनआईए (NIA) ने इस मामले की जांच के सिलसिले में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स के दो फ्लैटों पर भी छापेमारी की थी. उस तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने एक महिला के पास से 20 लाख रुपये नकद (Cash) बरामद किए थे.
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संदिग्ध फंडिग, दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की बारीकी से जांच कर रहा है. जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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