सीएम हेमंत सोरेन. (फाइल फोटो)
Hemant Soren Case: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बरियातू रोड़ स्थित 8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामले में ईडी की स्पेशल कोर्ट ने हेमंत सोरेन को राहत देने से इनकार कर दिया है. स्पेशल न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है.
दायर डिस्चार्ज याचिका का विरोध
मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को आरोपी बनाया गया है. ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने पक्ष रखा, जबकि हेमंत सोरेन की ओर से वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने दलीलें रखी. सभी पक्षों की दलीले सुनने के बाद रांची पीएमएलए कोर्ट ने हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने हेमंत सोरेन की ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया था कि जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेज और साक्ष्य मामले की सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करते है. एजेंसी ने अदालत से याचिका को खारिज करने की मांग की थी.
आरोपी तथ्यहीन,पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं
यह मामला रांची के बड़गाई अंचल स्थित शांति नगर क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है. इस मामले की जांच ईडी कर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से 5 दिसंबर 2025को दाखिल डिस्चार्ज याचिका में दावा किया गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपी तथ्यहीन है और अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं है.
याचिका में यह भी कहा गया था कि उन्हें मामले में अनावश्यक रूप से आरोपी बनाया गया है तथा ईडी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है.
भारत एक्सप्रेस
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