देशभर के राज्यों में हो रहे एसआईआर को लेकर लगातार दायर हो रहे याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि यह मामला बेकाबू हो गया है, बहुत सारे मुकदमे हो गए हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अब मुझे नहीं लगता कि विभिन्न राज्यों में एसआईआर से संबंधित नई याचिकाओं को स्वीकार किया जाना चाहिए.
इसपर कपिल सिब्बल ने कहा कि यह अच्छा सुझाव है. माननीय न्यायाधीश ऐसा आदेश पारित कर सकते हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जल्द ही मैं एक आदेश पारित करूंगा कि हर मामले में वकीलों को यह बताना होगा कि वे बहस कब तक पूरी करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी मामलों के लिए समानुपातिक समय आवंटन सुनिश्चित करना चाहता हूं. कोर्ट ने कहा कि कुछ तो करना होगा.
सीजेआई ने संकेत दिया है कि सुनवाई टालने की अनुरोध पर भी लगाम लगाएगा. एसआईआर को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि चुनाव आयोग किसी को भारतीय नागरिकता प्रदान नही कर सकता है. सिर्फ दस्तवेज़ों की जांच कर सकता है.
SC ने नई याचिकाओं को रोकने का दिया संकेत
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा था कि क्या चुनाव आयोग को किसी संदिग्ध नागरिक के मामले में जांच करने से रोका गया है और क्या ये जांच प्रक्रिया उसके संवैधानिक अधिकार से बाहर है? कोर्ट ने बिहार सहित कई राज्यों में मतदाता सूचियों के एसआईआर के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है.
कोर्ट ने यह टिप्पणी याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के उस दलील पर किया है. जिसमें उन्होंने कहा था कि 1950 के बाद भारत में जन्मे व्यक्ति को भारतीय नागरिकता मिलनी चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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