राशिद इंजीनियर
जम्मू कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामुला से सांसद राशिद इंजीनियर की पैरोल कस्टडी की मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस विकास महाजन की बेंच राशिद इंजीनियर की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर 11 फरवरी को सुनवाई करेगा.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एनआईए की ओर से पेश वकील से पूछा था कि जब तक राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत नही मिल जाती तब तक वह न्यायिक हिरासत में संसद के सत्र में हिस्सा ले सकते हैं. वह एक निर्वाचित सांसद है. ऐसा करने में क्या दिक्कत है. जिसपर एनआईए के वकील ने कहा कि इतना सरल नहीं है. क्योंकि सुरक्षा का भी मुद्दा है.
संसद सत्र में भाग लेने के लिए मांगी अंतरिम जमानत
राशिद इंजीनियर ने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है, जो 31 जनवरी से शुरू हुआ और चार अप्रैल को खत्म हो रहा है. पिछली सुनवाई में राशिद इंजीनियर के वकील एन हरिहरन ने कहा था कि मैं सभी आपत्तियों को पूरा करने के लिए तैयार हूं. मैं सिर्फ अंतरिम जमानत मांग रहा हूं. केस की मेरिट पर हम बाद में विचार कर सकते है. उन्होंने यह भी कहा था पहले राशिद को चुनाव प्रचार के लिए कस्टडी पैरोल मिली थी. राशिद इंजीनियर ने पहले भी शर्ते पूरी की है.
24 दिसंबर 2024 को पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. उसके पहले राशिद इंजीनियर को शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए अनुमति मांगी थी. इससे पहले राशिद इंजीनियर को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मिल चुकी है. लेकिन आगे की अंतरिम जमानत की अवधि को कोर्ट ने बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राशिद इंजीनियर ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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