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जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गठित समिति की सहायता के लिए दो वकिल सलाहकारों को किया नियुक्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गठित समिति की सहायता के लिए वकील रोहन सिंह और वकील समीक्षा दुआ को सलाहकार नियुक्त किया है.

Edited by Vaibhav Gupta

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गठित समिति की सहायता के लिए वकील रोहन सिंह और वकील समीक्षा दुआ को सलाहकार नियुक्त किया है.

12 अगस्त को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया था. समिति में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के एक-एक जज और एक वरिष्ठ वकील को शामिल किया गया है.

जस्टिस वर्मा पर लगे गंभीर आरोप

सुप्रीम कोर्ट के जज अरविंद कुमार, मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस मणिन्द्र मोहन और कर्नाटक हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील बीवी आचार्य शामिल है. लोकसभा में दिए गए महाभियोग प्रस्ताव नोटिस में जस्टिस वर्मा के आचरण और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए गए हैं और इसी आधार पर महाभियोग केसरी उनको हटाने की सिफारिश की गई है.

55 गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और फायर ब्रिगेड स्टाफ के बयानों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के पैनल ने जस्टिस वर्मा और उनके परिवार को प्रत्यक्ष रूप से कैश रखने का जिम्मेदार ठहराया.

जानबूझकर नष्ट किए गए सबूत

पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आग के बाद रातों-रात कैश को हटाया गया और जानबूझकर सबूत नष्ट किए गए थे. समिति ने बयान के अलावा वीडियो रिकॉर्डिंग भी किया, ताकि यह सुनिश्चित की जा सके कि इसे चुनौती न दी जा सके. समिति की 64 पेज की रिपोर्ट के अंत में दो पैराग्राफ हैं, जो यह निष्कर्ष निकालते हैं कि नकदी 30 तुगलक क्रिसेंट, नई दिल्ली के स्टोर रूम में पाई गई थी, जो आधिकारिक तौर पर जस्टिस वर्मा के कब्जे में था और यह स्टोर रूम तक पहुच जस्टिस वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों के गुप्त या सक्रिय नियंत्रण में पाई गई थी.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 22 मार्च के पत्र में उठाए गए आरोपों में पर्याप्त तथ्य है और यह सही पाया गया है कदाचार इतना गंभीर है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही शुरू करने की आवश्यकता है. 14 मार्च को दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास के बाहरी हिस्से में आग लगने की घटना के दौरान दमकल कर्मियों को बोरे में भरकर रखी गई जली हुई नकदी मिली थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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