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लैंड फॉर जॉब से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में 9 मार्च से होगी हर रोज सुनवाई: राऊज एवेन्यु कोर्ट

लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को पेशी से अस्थायी राहत दी है. कोर्ट ने 1 से 25 फरवरी के बीच कभी भी पेश होने की छूट देते हुए मामले में 9 मार्च से रोजाना सुनवाई के आदेश दिए हैं.

Lalu Prasad Yadav Land for Job scam
Edited by Vaibhav Gupta

लैंड फॉर जॉब से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने मामूली राहत दे दिया है. कोर्ट से इन सभी को पेशी से छूट मिल गई है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह आदेश दिया है.

मामले में प्रतिदिन सुनवाई

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के कभी भी पेश होने की छूट दे दी है. वहीं, इस मामले में अन्य आरोपी मीसा भारती और हेमा यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वो ट्रायल का सामना करेंगी. 9 मार्च से इस मामले में प्रतिदिन सुनवाई होगी.

पिछली सुनवाई में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिया था.

वहीं, कोर्ट ने 98 आरोपियों में 52 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया था. स्पेशल जज विशाल गोगने ने अपने फैसले में कहा था कि लालू का परिवार एक सिंडिकेट की तरह काम किया. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, कुछ सेलडीड को छोड़कर, जमीन खरीद के लिए ज्यादातर पैसों का लेनदेन कैश में हुआ.

पैसे लेकर जमीन खरीदना कोई अपराध नहीं

सीबीआई ने मामले में आईपीसी की धारा 120 बी, धारा 420, 468,467, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 11, 12, 13, 8,9 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था.

बता दें कि पिछली सुनवाई में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था कि उन्होंने जमीन खरीदा था, जिसके बदले पैसे दिए थे. उनके वकील ने यह भी कहा था कि पैसे लेकर जमीन खरीदना कोई अपराध नहीं है. उन्होंने कहा था कि किसी भी आरोपी को कोई फायदा नहीं पहुचाया गया. इन लेन देन का आपस में कोई संबंध नहीं है.

साबित करें कि भ्रष्टाचार हुआ: राबड़ी देवी

राबड़ी देवी के वकील ने कोर्ट से यह भी कहा था कि सीबीआई को लगे आरोपों की जांच करना होगा, और यह साबित करना होगा कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है. आरोप है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित इंडियन रेलवे के वेस्ट सेंट्रल जोन में ग्रुप डी कैटेगरी में भर्तियां लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते 2004 से 2009 के बीच की गई. इसके बदले में भर्ती होने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े तोहफे में दिए या हस्तांतरित किए.

बता दें कि सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहने के दौरान सेंट्रल रेलवे में ग्रुप-डी के पदों पर नियुक्तियों के बदले में लालू और उनके परिवार को सस्ते दामों में जमीन ली थी. एजेंसी ने इस मामले में 103 लोगों को आरोपी बनाया है. जिनमे से 5 लोगों की मौत हो चुकी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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