नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट 26 अगस्त को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश फाइलों का निरीक्षण करते हुए ईडी के वकील से स्पष्टीकरण मांगा है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने को तय करना है कि ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं. इससे पहले कोर्ट ने जांच अधिकारी से पूछा था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का इस केस से क्या लेना देना है. कोर्ट ने 14 जुलाई को जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.
ईडी के आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी का कहना था कि जिन लोगों ने कांग्रेस को दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि कि यंग इंडियन संस्था मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त है. ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा था कि जो भी यंग इंडियन को डोनेशन देता था, उसे चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जाता था. ईडी की ओर से यह भी कहा गया था चैरिटी के नाम पर कुछ नही हुआ, चैरिटेबल कार्य कभी शुरू ही नही हुआ.
संपत्ति कब्जे का आरोप
एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि सिर्फ नाम के लिए यह संस्था चलाई गई. ईडी ने कहा था बिना कोई निवेश किए करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. ईडी ने यह भी कहा था कि बिना एक रुपया लगाए 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि एजेएल के अधिग्रहण के लिए 50 लाख रुपए डोटेक्स नामक कंपनी से मिले थे.
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

