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NEET-UG 2026: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CJI सूर्यकांत को भेजी गई लेटर पिटीशन

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सीजेआई सूर्यकांत को भेजी गई पत्र याचिका में पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग की स्वतंत्र न्यायिक जांच, सीसीटीवी/ड्रोन फुटेज सुरक्षित रखने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की अपील की गई है.

NEET UG 2026, Supreme Court
Edited by Radha Priya

NEET UG Paper Leak Controversy: नीट-यूजी 2026 प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज के मामले में सीजेआई सूर्यकांत को भेजे गए लेटर पिटीशन भेजा गया है. याचिका में दिल्ली में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की गई है.

पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग के गंभीर आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों के साथ दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया, लाठीचार्ज किया जिससे कई छात्र घायल हो गए, और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है. याचिका में कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुच्छेद 14, 19 और 21 के कथित उल्लंधन के मामले में स्वतः संज्ञान ले.

कोर्ट दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दे कि वे इस अदालत के समक्ष पुलिस की तैनाती, जारी किए गए आदेश, बल प्रयोग, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन फुटेज, बॉडी कैमरा फुटेज (जहां उपलब्ध हो), वायरलेस लॉंग और विरोध प्रदर्शन से संबंधित सभी घटना रिपोर्टों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के आदेश दे.

संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन

इसमें कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत नागरिकों का मौलिक अधिकार है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया. साथ ही यह भी दावा किया गया है कि कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने भी प्रदर्शनकरियों के साथ मारपीट की और उनकी भूमिका की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट से स्वतंत्र न्यायिक जांच की अपील

याचिका में कहा गया है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून व्यवस्था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंधन होगा. याचिकाकर्ता ने लगभग 100 वीडियो वाली एक पेन ड्राइव भी साक्ष्य के रूप में संलग्न करने का दावा किया है.

लेटर पिटीशन में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वह इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर स्वतंत्र न्यायिक जांच कराए, दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दे, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और यदि किसी प्रदर्शनकारी के साथ अवैध या अत्यधिक बल प्रयोग हुआ हो तो उसे उचित मुआवजा और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए.

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-भारत एक्सप्रेस



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