Mahadev Satta App Case: महादेव सट्टा एप मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार नितिन टिबरेवाल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने नितिन टिबरेवाल को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है.
जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस के विनोद चन्द्रन की पीठ ने टेबरिवाल को पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया कोर्ट ने कहा कि टेबरिवाल जमानत के दौरान गवाहों से संपर्क नही करेंगे, सुबूतों के साथ छेड़छाड़ नही करेंगे.
महादेव सट्टा एप संचालन करने का आरोप
साथ ही कोर्ट ने टेबरिवाल को जांच में सहयोग करने को भी कहा है. टेबरिवाल पर महादेव सट्टा एप संचालन करने का आरोप है.
खबर है कि नितिन टिबरेवाल विकास छापरिया की कंपनी में निवेश करता था. विकास छापरिया की कंपनी में नितिन टिबरेवाल भी शेयर होल्डर था और दुबई में प्रॉपर्टी खरीद रखा था.
इस मामले में ईडी ने दो चार्जशीट दायर की है, जिसमें कथित अवैध सट्टेबाजी और गेमिंग एप के दो मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं.
चंद्राकर और उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं, इन दोनों को दुबई से गिरफ्तार किया गया था.
अब तक दर्जन से अधिक लोग हुए गिरफ्तार
बता दें कि इस मामले में एक दर्जन से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके है. जबकि ईडी आधे दर्जन लोगों की अभी भी तलाश कर रही है.
इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों का नाम सामने आया है. वहीं गिरफ्तार बिजनेसमैन सुनील दमानी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.
EOW द्वारा सौपी गई रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ईडी ने एफआईआर दर्ज की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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