Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

नीतीश कटारा हत्या मामले में दोषी विकास यादव की ओर से दायर याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा

नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी विकास यादव ने माँ की तबीयत खराब होने के चलते अंतरिम जमानत की मांग की. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और नीलम कटारा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और एम्स को मेडिकल रिपोर्ट देने का आदेश दिया.

Court

साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में तिहाड़ जेल में बंद दोषी विकास यादव की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और नीलम कटारा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से मेडिकल बोर्ड का गठन कर 15 अप्रैल तक रिपोर्ट देने को कहा है.

विकास यादव की माँ की तबियत खराब है और वो गाजियाबाद में यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती है, जिनकी देखरेख के लिए विकास यादव ने अंतरिम जमानत की मांग की है. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ 15 अप्रैल में मामले में अगली सुनवाई करेगी.

मामले की सुनवाई के दौरान विकाश यादव की मां की तबियत खराब है, वह 23 साल से जेल में बंद है. लिहाजा माँ की देखभाल के लिए 15 दिन के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की जाए.

निचली अदालत और हाई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ विकास और विशाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने विकास और विशाल को आजीवन कारावास की सजा को 25 साल की सजा में तब्दील कर दिया था. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.

ये भी पढ़ें: शादी का झूठा वादा कर रेप के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, कहा – हर असफल रिश्ते को अपराध नहीं माना जा सकता

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital