Consumer Rights India News: रेस्तरां और होटलों द्वारा ग्राहकों से खाने के बिल पर सेवा शुल्क (सर्विस टैक्स) अनिवार्य रूप से वसूलने पर जारी रोक के खिलाफ नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती दी है. एनआरएआई ने इस आदेश के खिलाफ दो सदस्यीय पीठ के समक्ष अपील दाखिल की है, जिस पर 29 अप्रैल 2025 को सुनवाई होने की संभावना है.
यह मामला तब उठा जब एकल पीठ ने 28 मार्च को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के 2022 में जारी दिशा-निर्देशों को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि सेवा शुल्क अनिवार्य नहीं हो सकता. अदालत ने रेस्तरां और होटलों की याचिका खारिज करते हुए उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसे उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का निर्देश दिया गया.
कोर्ट ने यह भी कहा कि सेवा शुल्क को अनिवार्य बनाना अनुचित व्यापार व्यवहार के समान है और यह उपभोक्ता के अधिकारों का उल्लंघन है. सेवा शुल्क केवल ग्राहक की स्वेच्छा पर निर्भर करता है और रेस्तरां इसे खाने के बिल में जबरन शामिल नहीं कर सकते.
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दो सदस्यीय पीठ इस विवादित मुद्दे पर क्या निर्णय देती है, जो उपभोक्ताओं और रेस्टोरेंट कारोबारियों दोनों के हितों को प्रभावित कर सकता है.
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