प्रधानमंत्री का करीबी बताकर कथित ठगी करने वाले आरोपी को सुनवाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने मोहम्मद कासिफ को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है. ईडी ने इसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि वह 3 साल से जेल में बंद है.
जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने जमानत देते हुए कहा कि उसकी तरफ से ठगी गई रकम बहुत ज्यादा नही है और उसने भविष्य में इस तरह की हरकत न करने का वचन दिया है. कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कासिफ को जमानत दिया है. कोर्ट ने कहा कि काफ़िस अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों का अगर उल्लंघन करता है तो उसकी जमानत को रद्द करने की मांग को लेकर ईडी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है.
बिना स्रोत की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुका है. ईडी के मुताबिक मोहम्मद कासिफ पर बिना स्रोत के काफी संपत्ति है और उसने कई विदेश यात्रा कर चुका है. नोएडा पुलिस और एसटीएफ ने मोहम्मद कासिफ को 20 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया था. कासिफ दिल्ली के रमेश पार्क लक्ष्मीनगर का रहने वाला है और उस वक़्त नोएडा के सेक्टर 107 स्थित ग्रेट वेल्यू अपार्टमेंट में रह रहा था. इसके खिलाफ थाना सूरजपुर में दर्ज हुआ था. मोहम्मद कासिफ के मोबाइल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ मॉर्फ फोटो वीडियो मिली थी.
29 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह 20 फरवरी 2019 और 2 सितंबर 2016 को पीएम के साथ लंच का और 18 मई 2017 को उत्तराखंड मुख्यमंत्री के.शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण पत्र काफ़िस के मोबाइल से एसटीएफ ने बरामद किया था. ईडी द्वारा की गई छापेमारी के दौरान कासिफ के पास से कई दस्तावेज और एक करोड़ 10 लाख रुपए कैश मिला था.
इसके अलावे नोट गिनने की मशीन भी बरामद किया था. ईडी जांच में सामने आया कि मोहम्मद कासिफ ने मदद करने के नाम पर एक व्यवसायी से एक करोड़ रुपए मांगे थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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