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बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को मिली राहत बरकरार

साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को कोर्ट ने बरकरार रखा है. कोर्ट ने विकास यादव को मिली अंतरिम जमानत की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है.

Nitish Katara Murder Case

Nitish Katara Murder Case

Edited by Vaibhav Gupta

साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को कोर्ट ने बरकरार रखा है. कोर्ट ने विकास यादव को मिली अंतरिम जमानत की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है.

मामले की सुनवाई के जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह मामला में जस्टिस सुंदरेश की बेंच सुनवाई कर रही है तो, मेरे पास कैसे लग गया.

सुप्रीम कोर्ट ही बढ़ा सकता है अंतरिम जमानत की अवधि

कोर्ट ने पूछा कि अगर सुप्रीम कोर्ट विकास यादव को अंतरिम जमानत मिली है, तो हाई कोर्ट अंतरिम जमानत की अवधि को कैसे बढ़ा सकता है. 29 जुलाई को हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि, सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है, लिहाजा अंतरिम जमानत की अवधि को सुप्रीम कोर्ट ही बढ़ा सकता है. कोर्ट ने विकास यादव को हाई कोर्ट जाने को कहा है. हाई कोर्ट 2 सितंबर को विकास यादव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करने वाला है.

सजा सुनाने के समय लगा था 54 लाख का जुर्माना

54 वर्षीय विकास यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि उसकी शादी 5 सितंबर को तय है. उन्होंने यह भी कहा है कि वह 23 साल जेल में बिता चुका है. उसे जब सजा सुनाई गई थी उस समय उस पर 54 लाख रुपए का जुर्माना लगा था, जिसका इंतजाम करना है.

पिछले दिनों कोर्ट ने विकास यादव को बीमार माँ की देखभाल करने के लिए कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दिया था. साथ ही कोर्ट ने नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा और अजय कटारा को उत्तराखंड सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था.

दिल्ली पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएगी

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर नीलम कटारा और अजय कटारा दिल्ली आते है तो, दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगी. कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया था कि एम्स में भर्ती रहने के दौरान विकास यादव अपनी मां से नही मिल सकते है. घर आने के बाद ही वो मिल सकते है. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.

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-भारत एक्सप्रेस 



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